बुजुर्गों की दिमागी सेहत होगी ठीक
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मल्टीविटामिन से सेहत में हो सकता है सुधार
16 हजार से ज्यादा बुजुर्गों पर तीन साल तक किए गए अध्ययन में ऐसे नतीजे सामने आए हैं, जिन्होंने मल्टीविटामिन्स के फायदों को लेकर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
अध्ययन के मुताबिक रोजाना मल्टीविटामिन लेने वाले लोगों में केवल शारीरिक ऊर्जा ही बेहतर नहीं रही, बल्कि उनकी याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और रोजमर्रा के काम करने की ताकत भी दूसरों की तुलना में ज्यादा अच्छी मिली। खास बात यह रही कि जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्याएं थीं, उनमें इसका असर और अधिक सकारात्मक दिखाई दिया।
अमेरिका के जॉर्जिया स्थित ऑगस्टा यूनिवर्सिटी के अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग लगातार तीन साल तक रोजाना मल्टीविटामिन लें, तो इसके कई सारे लाभ हो सकते हैं।
- इससे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं में सुधार हो सकता है।
- बुजुर्ग लंबे समय तक अपने रोजमर्रा के काम खुद करने में सक्षम रह सकते हैं और दूसरों पर निर्भरता कम हो सकती है।
- वैज्ञानिकों ने यह भी पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से मल्टीविटामिन लेते रहे, उनमें शारीरिक स्वास्थ्य और हृदय से जुड़ी स्थिति दोनों बेहतर रहीं।
विटामिन सप्लीमेंट्स के कई सारे लाभ
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- इन लोगों को चार समूहों में बांटा गया।
- कुछ लोगों को रोजाना मल्टीविटामिन दिया गया, कुछ को कोकोआ एक्सट्रैक्ट सप्लीमेंट, कुछ को दोनों दिए गए और कुछ लोगों को इनमें से कुछ भी नहीं दिया गया।
- मल्टीविटामिन्स में विटामिन बी, जिंक, विटामिन ए, सी और ई जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद थे।
शुरुआती नतीजों के अनुसार, रोजाना मल्टीविटामिन लेने वालों में दिमाग की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया लगभग 60 प्रतिशत तक धीमी हो गई। यह लगभग 1.8 साल तक मानसिक उम्र बढ़ने की रफ्तार कम होने के बराबर है।
1. वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि दो साल तक मल्टीविटामिन लेने से शरीर की वास्तविक उम्र बढ़ने की गति भी धीमी हुई। इसका असर हर साल लगभग दो महीने कम उम्र बढ़ने के बराबर देखा गया।
2. तीन साल तक जिन लोगों ने मल्टीविटामिन लिया, उनमें कुल मानसिक सेहत, याददाश्त और एक्जीक्यूटिव फंक्शन यानी योजना बनाने, सही फैसला लेने, ध्यान केंद्रित करने और समस्याओं का समाधान करने की क्षमता बेहतर पाई गई।
बुढ़ापे में होने वाली समस्याओं का जोखिम होगा कम
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मानसिक और शारीरिक सेहत दोनों में लाभ
वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि तीन साल बाद मल्टीविटामिन लेने वाले लोगों की मानसिक सेहत के साथ शारीरिक स्थिति भी बेहतर थी।
- प्रतिभागी कपड़े पहनने, नहाने, पैदल चलने और सीढ़ियां चढ़ने जैसे काम कहीं बेहतर तरीके से कर पा रहे थे। उनमें बार-बार थकान होने, सांस फूलने और पैरों में सूजन आने जैसी दिक्कतें भी कम हुईं।
- जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारियां थीं, उनमें भी लाभ देखा गया।
- शोधकर्ताओं ने कहा कि अगर मल्टीविटामिन हृदय को स्वस्थ रखने और शरीर की कार्यक्षमता बेहतर बनाने में मदद करता है, तो इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो सकती है।
तो क्या अब सभी बुजुर्गों को मल्टीविटामिन शुरू कर देनी चाहिए?
अध्ययन के प्रमुख लेखक और प्रिवेंटिव मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. बायू बेकेले कहते हैं, इस रिसर्च की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल यह नहीं देखा गया कि लोगों को गंभीर बीमारियां हुईं या नहीं, बल्कि यह भी देखा गया कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसा महसूस कर रहे थे और कितनी आसानी से सामान्य काम कर पा रहे थे?
हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि हम अभी यह सलाह नहीं दे सकते हैं कि हर बुजुर्ग को तुरंत मल्टीविटामिन लेन शुरू कर देना चाहिए। इसके लिए और विस्तार से बड़े सैंपल साइज के अध्ययन की जरूरत है।
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स्रोत:
Daily multivitamin may improve cognition in older adults
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