देश में कोरोना संक्रमितों के साथ दूसरी लहर में रोगियों के मौत के मामले भी ज्यादा देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञ संक्रमण की दूसरी लहर को बेहद खतरनाक मानते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह लहर तो खतरनाक है ही साथ ही संक्रमण काल में रोगी कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जो भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। कोरोना संक्रमितों के साथ अन्य लोगों को भी इन बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर गुरुवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञों ने इसी विषय के बारे में जानने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली एम्स के डॉ आशीष बिचपुरिया और नोएडा में एंटी कोरोना टास्क फोर्स के डॉ सिद्धार्थ गुप्ता ने सभी सवालों के जवाब दिए।
टेस्ट कराने से हिचकिचाएं नहीं
दिल्ली एम्स के डॉ आशीष बिचपुरिया कहते हैं कि आपको भी कई ऐसे लोग देखने को मिल जाएंगे जो कोरोना के लक्षण होने के बावजूद टेस्ट नहीं कराना चाहते हैं। यह गलती न सिर्फ आपके लिए, साथ ही आपके परिवार के लोगों के लिए भी भारी पड़ सकती है। यदि आपको कोरोना के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं और निर्धारित कोरोना सेंटर से इलाज शुरू करा लें। ऐसा न करना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
खुद से दवाएं बिल्कुल न लें
- फोटो : iStock
क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए?
डॉ आशीष कहते हैं कि कोविड के इस गंभीर दौर में सोशल मीडिया लोगों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। वाट्सऐप और अन्य माध्यमों पर लोग दवाइयों की पर्ची साझा कर रहे हैं। ऐसी दवाइयों का सेवन करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इसमें लोगों की उम्र और उनकी बीमारियों को ध्यान में रखे बिना ही दवाइयां लिखी हैं। अचरज की बात यह है कि कई लोग इनका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
खुद को डॉक्टर समझने की गलती न करें
डॉ सिद्धार्थ गुप्ता कहते हैं कि आजकल कोरोना के कारण लोगों को ब्लैक फंगस और हाइपोक्सिया जैसी गंभीर दिक्कतें भी हो रही हैं। यह समस्याएं बिना जानकारी के एंटीवायरल और स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल के कारण बढ़ सकती हैं। कई बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं, ऐसे में बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा का सेवन करना घातक हो सकता है।
------
नोट: यह लेख दिल्ली एम्स के डॉ आशीष बिचपुरिया और नोएडा में एंटी कोरोना टास्क फोर्स के डॉ सिद्धार्थ गुप्ता से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।