हालांकि अभी तक धर्म और खुशी में कोई भी वैज्ञानिक संबंध साबित नहीं हुआ है।
हालांकि अभी तक धर्म और खुशी में कोई भी वैज्ञानिक संबंध साबित नहीं हुआ है। लेकिन इस शोध का कहना है कि जो लोग आस्तिक होते हैं, भाग्य में भरोसा रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं वो लोग नास्तिकों के मुकाबले ज्यादा खुश रहते हैं। इस शोध को करने के लिए शोधकर्ताओं ने तीन कैटिगिरी बताई थी। इनमें धार्मिक तौर पर सक्रिय, धार्मिक तौर पर निष्क्रिय और किसी भी धर्म से नहीं जुड़े लोगों को शामिल किया गया था।
इस सर्वे में अमेरिका के 36 फीसदी धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों ने नास्तिकों के मुकाबले खुद को ज्यादा खुश बताया।
इस सर्वे में अमेरिका के 36 फीसदी धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों ने नास्तिकों के मुकाबले खुद को ज्यादा खुश बताया। इतना ही नहीं किसी भी धर्म को न माने वाले और धार्मिक विश्वासों पर भरोसा नहीं करने वाले लोगों के मुकाबले धार्मिक विश्वासों को मानने वाले लोगों ने खुद को ज्यादा खुश बताया। ऑस्ट्रेलिया में 32 फीसदी धार्मिक लोगों ने बाकी के मुकाबले खुद को ज्यादा खुश बताया।
इस सर्वे में जिन देशों से डाटा लिया गया था वहां के लोग नास्तिकों के मुकाबले ज्यादा खुश दिखे।
इस सर्वे में जिन देशों से डाटा लिया गया था वहां के लोग नास्तिकों के मुकाबले ज्यादा खुश दिखे। इस सर्वे का कहना है कि धार्मिक प्रवृत्ति के लोग न केवल ज्यादा खुश रहते हैं बल्कि उनकी जीवनशैली भी बेहतर रहती है।