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चीन में एक और महामारी की आशंका, अब इस वायरस से फैल सकता है संक्रमण

Tue, 30 Jun 2020 02:15 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चीन में वैज्ञानिकों ने फ्लू के एक ऐसे नए स्ट्रेन की पहचान की है जिसमें महामारी का स्वरूप लेने की क्षमता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला

चीन में वैज्ञानिकों ने फ्लू के एक ऐसे नए स्ट्रेन की पहचान की है जिसमें महामारी का स्वरूप लेने की क्षमता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ये स्ट्रेन सुअरों में होता है लेकिन ये इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है।

शोधार्थी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ये वायरस अपना स्वरूप बदल सकता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बेहद आसानी से फैल सकता है और एक महामारी का रूप ले सकता है।

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इस वायरस में वे सभी लक्षण हैं जो बताते हैं कि ये इंसानों को संक्रमित कर सकता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

वे कहते हैं कि इस वायरस में वे सभी लक्षण हैं जो बताते हैं कि ये इंसानों को संक्रमित कर सकता है। इस वजह से इस वायरस पर नजर रखना जरूरी है। चूंकि ये एक नया वायरस है, ऐसे में लोगों में इसके प्रति कम या बिलकुल रोग प्रतिरोधक क्षमता नहीं होगी।


 

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दुनिया भर के विशेषज्ञ कोरोना वायरस को खत्म करने की कोशिशों में लगे हुए हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
  • महामारी का खतरा

जब दुनिया भर के विशेषज्ञ कोरोना वायरस को खत्म करने की कोशिशों में लगे हुए हैं। तब भी शीर्ष रोग विशेषज्ञ इंफ्लूएंजा के नए और बुरे स्ट्रेन को लेकर सचेत बने हुए हैं। साल 2009 में सामने आया स्वाइन फ्लू आउटब्रेक उतना खतरनाक नहीं था जितना लोगों ने सोचा था, क्योंकि वह वायरस पहले भी सामने आ चुके कई वायरसों जैसा ही था और इस वजह से लोगों में उस वायरस से संघर्ष करने की क्षमता थी।

उस वायरस का नाम A/H1N1pdm09 था जिसकी वैक्सीन अब वार्षिक फ्लू वैक्सीन के तहत दी जाती है ताकि लोग सुरक्षित रहें। चीन में जिस वायरस की पहचान की गई है, वह 2009 के स्वाइन फ्लू जैसा ही है लेकिन कुछ नए बदलावों के साथ।

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वर्तमान फ्लू वैक्सीन संक्रमित व्यक्ति को इस वायरस से बचाने में सक्षम नहीं हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

अब तक इस वायरस से कोई खतरा पैदा नहीं हुआ है, लेकिन प्रोफेसर किन-चाओ चेंग और उनके साथी मानते हैं कि इस पर नजर रखी जानी चाहिए। वैज्ञानिक मानते हैं कि G4 EA H1N1 नाम का ये वायरस इंसानी श्वासनली में पनपने के साथ-साथ अपनी संख्या में वृद्धि भी कर सकता है।

उन्होंने चीन के सुअर उद्योग में काम करने वाले लोगों में संक्रमण के सबूत देखे हैं। वर्तमान फ्लू वैक्सीन संक्रमित व्यक्ति को इस वायरस से बचाने में सक्षम नहीं हैं। हालांकि, अगर जरूरत पड़ती है तो उन्हें इसके लिए तैयार किया जा सकता है।

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ये वायरस तात्कालिक समस्या नहीं है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

ब्रिटेन की नौटिंघम यूनिवर्सिटी में काम करने वाले प्रोफेसर किन - चो चेंग ने बीबीसी को बताया, "फिलहाल, कोरोना वायरस की वजह से हमारा ध्यान कहीं और है और होना भी चाहिए, लेकिन हमें कभी भी नए खतरनाक वायरसों से नजरें नहीं हटानी चाहिए।

हालांकि, ये वायरस तात्कालिक समस्या नहीं है लेकिन वे कहते हैं कि हमें इस वायरस को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस में वैज्ञानिकों ने लिखा है कि सुअरों और उनके आसपास काम कर रहे लोगों में वायरस पर नजर रखे जाने की व्यवस्था तत्काल की जानी चाहिए।

 

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हमारे सामने नए पेथोजेन्स आने का जोखिम लगातार बना रहता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज वेटरनेरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर जेम्स वुड्स कहते हैं कि ये काम ऐसा है जो हमें ये याद दिलाता रहता है कि हमारे सामने नए पेथोजेन्स आने का जोखिम लगातार बना रहता है और पालतु पशुओं जिनकी जंगली जानवरों की अपेक्षा इंसानों से काफी नजदीकी है, महामारी लाने वाले वायरसों के स्रोत बन सकते हैं।
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