प्रोस्टेट की समस्या के बारे में जानिए
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कितने प्रतिशत पुरुषों को होती है प्रोस्टेट की समस्या?
हाल के वर्षों में प्रोस्टेट से संबंधित समस्याओं और प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। यूरोलॉजिस्ट डॉ मनीष सिंगला बताते हैं, प्रोस्टेट से संबंधित एक समस्या बहुत आम है वह है प्रोस्टेट का आकार बढ़ना।
50 की उम्र तक 50 प्रतिशत पुरुषों को प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या हो जाती है। 60 की उम्र तक 60 प्रतिशत, 80-90 की उम्र तक 80-90 प्रतिशत पुरुषों को जबकि 100 की उम्र तक लगभग सभी पुरुषों को प्रोस्टेट बढ़ने की दिक्कत हो सकती है। यहां समझने की जरूरत है कि प्रोस्टेट बढ़ने की मतलब ये नहीं है कि ये कोई बीमारी है, क्योंकि ये शरीर की प्राकृतिक क्रिया है, इससे सभी पुरुषों को दिक्कत भी नहीं होती है। सिर्फ उन्हीं लोगों को इलाज की जरूरत होती है जिन्हे प्रोस्टेट बढ़ने के कारण किसी तरह की दिक्कत हो रही है।
ज्यादातर मामलों में प्रोस्टेट बढ़ने के कोई लक्षण नहीं होते हैं, अगर किसी को बार-बार पेशाब में समस्या जैसे दर्द, पेशाब करने में दिक्कत हो रही है या बहुत जोर लगाने के बाद पेशाब हो रहा है तो उसे डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
प्रोस्टेट के कारण होने वाली दिक्कतें
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प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र बढ़ने के साथ कई पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है, जिसे बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेसिया (बीपीएच) कहा जाता है। प्रोस्टेट बढ़ने का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं पर बीपीएच हर बार कैंसरकारक नहीं होता है।
इस स्थिति में बार-बार पेशाब आने, रात में कई बार पेशाब के लिए उठने, पेशाब शुरू करने में कठिनाई, मूत्र प्रवाह का कमजोर होने और कभी-कभी मूत्र रुक जाने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। कई प्रकार के हार्मोन्स, मोटापा और अनुवांशिक कारणों को इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है।
प्रोस्टेट बढ़ने के कारण क्या समस्याएं होती हैं?
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प्रोस्टेट बढ़ने के कारण होने वाली दिक्कतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं वैसे तो प्रोस्टेट का आकार बढ़ना हर किसी के लिए समस्याकारक नहीं होता है। हालांकि अगर आपको इसके कारण कुछ दिक्कतें हो रही हैं और आप इसका समय पर इलाज नहीं कराते हैं तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
ऐसे लोगों में बार-बार मूत्र संक्रमण होने लगता है क्योंकि पेशाब ठीक तरीके से शरीर से बाहर नहीं निकलता। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से किडनी को भी नुकसान पहुंच सकता है। यदि प्रोस्टेट का आकार बहुत बढ़ जाए, तो पेशाब पूरी तरह रुक सकती है जो आपातकालीन स्थिति है।
प्रोस्टेट कैंसर का खतरा
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प्रोस्टेट कैंसर के बारे में भी जानिए
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसरों में से एक है। हर साल लाखों पुरुष इससे प्रभावित होते हैं। भारत में भी यह तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह कैंसर तब होता है जब प्रोस्टेट की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। बार-बार पेशाब आने, पेशाब में दर्द, पेशाब के साथ खून आने या कमजोरी महसूस होने जैसे लक्षण इनका संकेत होते हैं।
डॉक्टर कहते हैं, प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग बढ़ाना इस कैंसर के बढ़ते खतरे को कम करने के लिए जरूरी है। सभी लोगों को इसके लक्षणों पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए ताकि बीमारी समय रहते पकड़ में आ जाए। प्रोस्टेट कैंसर के 90% मामलों में समय पर इलाज से जान बच सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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