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महिलाओं को होती है प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्या...जानें उपचार, लक्षण और कारण

Sun, 20 Sep 2020 02:39 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कई महिलाएं पीरियड्स से पहले बिना किसी वजह के टेंशन या डिप्रेशन महसूस करती हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
महिलाओं को पीरियड्स में काफी दर्द का सामना करना पड़ता है। एक रिसर्च के अनुसार पीरियड्स से पहले कई महिलाओं की मनोदशा काफी खराब हो जाती है। पीरियड्स के दिन हर महिला के लिए काफी उलझन से भरे होते हैं। कई महिलाएं पीरियड्स से पहले बिना किसी वजह के टेंशन या डिप्रेशन महसूस करती हैं। पीरियड्स से पहले होने वाली इस समस्या को मेडिकल भाषा में प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसॉर्डर यानी पीएमडीडी कहा जाता है। प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसॉर्डर यानी पीएमडीडी को साधारण भाषा में प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम कहा जाता है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के बारे में बताएंगे। अगली स्लाइड्स में जानिए प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के बारे में सबकुछ...
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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्या के सही कारणों का आज तक पता नहीं लगाया जा सका है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के कारण
  • प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्या के सही कारणों का आज तक पता नहीं लगाया जा सका है, परंतु ऐसा माना जाता है कि प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्या के होने का कारण स्त्री के सामाजिक, सांस्कृतिक, जैविक और मनोवैज्ञानिक पक्षों से संबंध होता है। 
अगली स्लाइड में जानिए किन स्त्रियों में ये समस्या अधिक होती है...
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20 से 40 वर्ष की महिलाओं में इस समस्या के अधिक होने की संभावना होती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
इन महिलाओं में इस समस्या के अधिक होने की संभावना होती है...
  • 20 से 40 वर्ष की महिलाएं।
  • जिन महिलाओं के बच्चे होते हैं।
  • जिन महिलाओं के घरों में पारिवारिक अवसाद रहता हो।
  • जो महिलाएं मनोवैज्ञानिक समस्याओं से परेशान हैं।
अगली स्लाइड्स में जानिए प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षण...

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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
  • प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षण...
शारीरिक समस्याएं
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं, जैसे- 
  • सिरदर्द
  • एड़ियों में दर्द 
  • पैरों व हाथों में सूजन 
  • पीठ में दर्द 
  • पेट के निचले हिस्से में भारीपन व दर्द 
  • स्तनों में ढीलापन 
  • वजन बढ़ना
  • एक्ने 
  • नॉजिया 
  • कॉन्स्टिपेशन 
  • रोशनी और आवाज से चिढ़  
  • पीरियड्स के दौरान दर्द
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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
  • मानिसक समस्याएं
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे-
  • बेचैनी 
  • असमंजस 
  • ध्यान लगाने में परेशानी 
  • निर्णय लेने में कठिनाई 
  • भूलने की समस्या
  • अवसाद 
  • गुस्सा 
  • खुद को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति
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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लिए कोई भी टेस्ट्स या फिजिरल इग्जामिनेशन नहीं है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
कैसे चलता है पता कि स्त्री प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्या से ग्रस्त है
  • आपको बता दें प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लिए कोई भी टेस्ट्स या फिजिरल इग्जामिनेशन नहीं है। मरीज की हिस्ट्री, पेल्विक इग्जामिनेशन और मनोवैज्ञानिक विश्लेषणों से पता लगाया जा सकता है कि स्त्री प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्या से पीड़ित है या नहीं।
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रोजाना व्यायाम करने से इस बीमारी ये छुटकारा मिल सकता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम का उपचार
  • रोजाना व्यायाम करने से इस बीमारी ये छुटकारा मिल सकता है।
  • न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स का सेवन करने से भी इस बीमारी से छुटकारा मिल सकता है।
  • एंटी-बायटिक्स, एंटी-डिप्रेसेंट्स व पेन किलर्स का सेवन किया जा सकता है। बिना डॅाक्टर के सलाह के दवाई का सेवन न करें।
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इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं को नमक, चीनी, एल्कोहॉल और कैफीन का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
इन चीजों का सेवन कम करें...
  • इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं को नमक, चीनी, एल्कोहॉल और कैफीन का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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