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महंगी दवाइयों से नहीं बल्कि भिंडी से दूर होगी डायबिटीज, ये है घरेलू नुस्खा

Wed, 08 Jan 2020 07:37 PM IST
सारंग उपाध्याय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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बदलती लाइफ स्टाइल ने सबसे ज्यादा जिस बीमारी का खतरा बढ़ाया है वह है डायबिटीज है। मधुमेह एक ऐसा रोग है जो एक नहीं बल्कि कई तरह की बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। बहरहाल, कई शुगर के पेशेंट ठीक होने के लिए महंगी दवाएं लेते हैं, कई आयुर्वेद का सहारा लेते हैं। लेकिन आप भी मधुमेह से पीड़ित हैं और उसे कंट्रोल करने के लिए भिंडी के इस घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल कर सकते हैं, वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के। आइए जानते हैं मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए भिंडी का उपयोग कैसे करना है।   
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कच्ची भिंडी खाने से मधुमेह कंट्रोल में हो जाती है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर डायबिटिक रोगियों की सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। आइए जानते हैं मधुमेह कंट्रोल करने के लिए कच्ची भिंडी का उपयोग कैसे करना है। 
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उपयोग करने का तरीका-
दो भिंडी लीजिए और उसे आगे और पीछे दोंनो ओर से काट लें। इसमें से एक एक चिपचिपा सफेद तरल बाहर आना शुरू हो जाएगा जिसे आपको धोना नहीं है। जब आप सोने जाएं तब इन कटी हुई भिंडी को पानी के गिलास में डाल दीजिए और गिलास को ढंक दीजिये। 

बहते हुए पानी में से कटी हुई भिंडी के टुकडे़ को निकालिए और पानी को पी लीजिए। अगर आपको ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में करना है तो इस विधि को लगातार कुछ महीनों के लिए करें। कच्ची भिंडी आपके लिए जितनी फायदेमंद होगी उतनी पकाई हुई भिंडी बिल्कुल नहीं होगी।

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लाभ-
किडनी रोग से लडे-

टाइप 2 डायबिटीज होने से किडनी पर भी असर पड़ता है। भिंडी खाने से किडनी की समस्या दूर होती है। तो ऐसे में अगर आप मधुमेह से ग्रस्थ हैं तो भिंडी खाइए।
 
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लो जीआई फूड-
जीआई का मतलब होता है ग्लाइसिमिक इंडेक्स। हर मधुमेह रोगी को ऐसा अहार खाने की सलाह दी जाती है जिसमें ग्लाइसिमिक इंडेक्स की मात्रा कम हो। भिंडी में केवल 20 प्रतिशत ग्लाइसिमिक इंडेक्स होता है जो कि बहुत ही कम माना जाता है। 

नोटः यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
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