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Camp Hill Virus: पहली बार इंसानों में मिला ये घातक वायरस, वैज्ञानिकों से जानिए कितना खतरनाक हो सकता है संक्रमण

Mon, 10 Feb 2025 01:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वैज्ञानिकों ने बताया कि अभी तक कैंप हिल वायरस को कभी भी मनुष्यों में नहीं देखा गया था, यह पहली बार है। इस वायरस का संक्रमण इंसानों को कई प्रकार से प्रभावित करने वाला हो सकता है, इसे निपाह से भी खतरनाक माना जा रहा है। इस वायरस के बारे में अभी तक वैज्ञानिकों को भी ज्यादा जानकारी नहीं है।
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पहली बार इंसानों में मिला कैंप हिल वायस - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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पिछले एक दशक में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों ने दुनियाभर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाई है। कोरोनावायरस, निपाह, मंकीपॉक्स हो या हाल के दिनों में तेजी से बढ़ रहे बर्ड फ्लू के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाते रहे हैं। इसी बीच एक और अति संक्रामक और घातक माने जा रहे वायरस के फैलने की खबर है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में कैंप हिल वायरस की पहचान हुई है। पहली बार कैंप हिल वायरस इंसानों में पाया गया है। 

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न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और सिटी कॉलेज का न्यूयॉर्क के शोधकर्ताओं ने उत्तरी अमेरिका में हेनिपावायरस के एक नए प्रकार की पहचान की है, जो इस महाद्वीप में पहली बार पाया गया है। यह वायरस छछुंदरों से मनुष्यों में फैल सकता है, जिससे वैज्ञानिकों में चिंता बढ़ गई हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि अभी तक कैंप हिल वायरस को कभी भी मनुष्यों में नहीं देखा गया था, यह पहली बार है। इस वायरस का संक्रमण इंसानों को कई प्रकार से प्रभावित करने वाला हो सकता है, इसे निपाह से भी खतरनाक माना जा रहा है।

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कैंप हिल वायरस के हो सकते हैं गंभीर दुष्प्रभाव - फोटो : Freepik.com
हेनिपावायरस की एक प्रजाति का है कैंप हिल वायरस

वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि ये हेनिपावायरस की एक प्रजाति है  जिसे जूनोटिक माना जाता रहा है, इसका मतलब है कि यह जानवरों से मनुष्यों में फैल सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में स्कूल ऑफ केमिस्ट्री एंड मॉलिक्यूलर बायोसाइंसेज के डॉ. राइज पैरी बताते हैं कि हेनिपावायरस अब तक दुनिया के कई हिस्सों में इंसानों और जानवरों में गंभीर बीमारी और मौत का कारण बनाता रहा है। चूंकि कैंप हिल वायरस भी हेनिपावायरस फैमिली से ही संबंधित है ऐसे में इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा हो सकता है।

जानवर से इंसानों में संक्रमण के मामले - फोटो : Freepik.com
डब्ल्यूएचओ ने माना इसे बड़ा खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) हेनिपावायरस और इसकी अन्य प्रजातियों को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा मानता है।

पहले माना जाता था कि कैंप हिल वायरस केवल चमगादड़ों द्वारा फैलता है लेकिन अब इसका छछुंदर जैसे अन्य जानवरों में दिखाना और भी चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है। इससे स्पष्ट होता है कि वायरस पहले की अपेक्षा कहीं अधिक व्यापक रूप से फैल सकता है। अभी तक किसी इंसान में इसकी जानकारी नहीं मिली थी। विशेषज्ञ कहते हैं कि अमेरिका में मामला सामने आने के बाद  इसके कारण होने वाले खतरों को समझना और संक्रमण की रोकथाम को लेकर प्रयास करना  बहुत जरूरी हो गया है।

इंसानों में संक्रमण के कारण हो सकती हैं गंभीर दिक्कतें - फोटो : Adobe stock photos
70 फीसदी तक हो सकती है इसकी मृत्युदर

वैज्ञानिक बताते हैं कि हेनिपावायरस फैमिली के अन्य वायरस जैसे हेंड्रा वायरस हो या निपाह, इन सभी को इंसानों के लिए बहुत खतरनाक पाया गया है। हेंड्रा वायरस के कारण मृत्युदर 70 फीसदी जबकि निपाह के कारण 40-75% की मृत्युदर देखी जाती रही है। कैंप हिल के बारे में अभी बहुत ज्यादा जानकारियां उपलब्ध नहीं हैं पर इसकी फैमिली हिस्ट्री को देखते हुए इसे भी इंसानों के लिए बहुत खतरनाक बताया जाता रहा है।
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एक नए वायरस ने बढ़ा दी है चिंता - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

क्वींसलैंड विश्वविद्यालय में शोधकर्ता डॉ. एरियल इसाक कहते हैं, इंसानों में कैंप हिल वायरस के मामले सामने आने के बाद से लोगों में कई तरह का डर देखा जा रहा है। वायरस की प्रकृति को समझने के लिए अध्ययन किया जा रहा है ताकि  इससे बचाव के बेहतर तरीकों की पहचान की जा सके।

यूएस. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, हेनिपावायरस से संक्रमित होने का सबसे अधिक जोखिम उन लोगों को होता है जो संक्रमित जानवरों (मुख्य रूप से चमगादड़ और सूअर) के संपर्क में आते हैं या जानवरों के शरीर के तरल पदार्थों से दूषित खाद्य पदार्थ खाते हैं। हेनिपावायरस या इससे मिलते-जुलते अन्य वायरस के संक्रमण के लिए अब तक कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार नहीं है। यह प्रायः गंभीर श्वसन रोग और इंसेफेलाइटिस का कारण बनता है जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत, मस्तिष्क की सूजन, दौरे और कोमा की दिक्कत हो सकती है। वैज्ञानिक इस पर नजर रखे हुए हैं।

फिलहाल ये माना जा रहा कि गंभीर और घातक वायरस की सूचि में एक और नई एंट्री हुई है जिसकी प्रकृति कई मामलों में चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।



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स्रोत और संदर्भ
Potentially deadly zoonotic virus found in US, sparking concerns of spread to humans


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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