मेनिनजाइटिस और इसका खतरा
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मेनिनजाइटिस के खतरे को जानिए
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मेनिनजाइटिस एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जिससे दिमाग और रीढ़ की हड्डी में सूजन आ जाती है। ये ज्यादातर वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से होती है, हालाकि अभी यह पक्का नहीं हुआ है कि मौजूदा प्रकोप किस तरह के इन्फेक्शन की वजह से हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह दुखद घटना इस बात को लेकर अलर्ट करती है कि मेनिनजाइटिस कितनी तेजी से अटैक कर सकता है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि मेनिनजाइटिस एक गंभीर स्थिति है, जिसमें दिमाग और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर की झिल्लियां संक्रमित हो जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है।
- यह अचानक हो सकता है और जानलेवा भी साबित हो सकता है।
- यह 'मेनिनजोकोकल बैक्टीरिया' के कारण होता है, जो मेनिनजाइटिस के साथ-साथ 'सेप्टिसीमिया' यानी खून में जहर फैलने का भी कारण बनता है।
संक्रमितों को क्या दिक्कत होती है?
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मेनिनजाइटिस में क्या दिक्कतें होती हैं?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस, वायरल मेनिनजाइटिस की तुलना में कम होता है, हालांकि ये ज्यादा गंभीर हो सकता है। इससे खून में जहर फैल सकता है या सेप्सिस हो सकता है। इसका दिमाग पर भी असर हो सकता है।
- मेनिनजाइटिस संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज बुखार आने, गर्दन में अकड़न और शरीर पर चकत्ते पड़ने जैसी दिक्कतें होती हैं।
- इसके अलावा, तेज सिरदर्द, तेज रोशनी से परेशानी, उल्टी और दस्त, दौरे पड़ने, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द के साथ भ्रम की भी समस्या हो सकती है।
- अगर समय पर इलाज मिल जाए, तो ज्यादातर लोग मेनिनजाइटिस से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
- हालांकि बैक्टीरियल संक्रमण वाली ये बीमारी गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।
- इनमें सुनने या देखने में दिक्कत, मिर्गी और याददाश्त-एकाग्रता व संतुलन से संबंधित दिक्कतों का खतरा भी बढ़ जाता है।
संक्रामक रोगों का खतरा
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कैसे होती है ये बीमारी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मेनिनजाइटिस होने के लिए कई कारणों को जिम्मेदार माना जाता है।
- वायरस या बैक्टीरियल संक्रमण के शिकार एक से दूसरे व्यक्ति को ये बीमारी हो सकती है।
- संक्रमित भोजन से भी ये संक्रमण फैलता है।
- पर्यावरण में मौजूद फंगस अगर आपकी सांस के साथ अंदर चले जाएं तो इससे भी संक्रमण हो सकता है।
किन लोगों में इसके जोखिम ज्यादा होता है?
- बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र वालों में खतरा।
- इम्यून सिस्टम में कमजोरी के कारण भी दिक्कत हो सकती है।
- आपको नाक और कान के पुराने संक्रमण की वजह से भी जोखिम रहता है।
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स्रोत:
Kent meningitis outbreak: key questions answered
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