ज्यादा तीव्रता वाले व्यायाम बढ़ा रहे हैं मुश्किलें
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ज्यादा तीव्रता वाला व्यायाम हो सकता है खतरनाक
स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम की आदत जरूरी है और फायदेमंद भी, पर जरूरत से ज्यादा व्यायाम या गलत तरीके से व्यायाम आपको फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि युवा पीढ़ी में फिटनेस और व्यायाम को लेकर अनावश्यक जुनून उन्हें फ्रैक्चर और जोड़ों की समस्याओं जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस का शिकार बनाता जा रहा है।
- प्रमुख ऑर्थोपेडिक सर्जनों के शोध से पता चला है कि हाई इंटेंसिटी वाले व्यायाम के कारण घुटने, कूल्हे, पैर और पीठ की चोट औ युवा में हड्डियों से संबंधित समस्याओं में वृद्धि देखी जा रही है।
- क्रॉसफिट और हायरोक्स जैसी कठिन फिटनेस चैलेंज युवा को अनजाने में ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी दिक्कतों को शिकार बनाता जा रहा है।
कार्टिलेज घिस जाने की समस्या
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ऑस्टियोआर्थराइटिस और इसका बढ़ता खतरा
ऑस्टियोआर्थराइटिस जोड़ों की एक ऐसी बीमारी है जो समय के साथ बढ़ती जाती है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता। यह जोड़ों की सुरक्षा करने वाली कार्टिलेज के घिस जाने के कारण होती है।
- ऑस्टियोआर्थराइटिस इसके कारण जोड़ों में दर्द, अकड़न, जोड़ों की हिला पाने में भी कठिनाई और सूजन जैसी समस्या हो सकती है।
- यह अक्सर हाथों, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है।
- आमतौर पर उम्र बढ़ने, जोड़ों में चोट या इसके ज्यादा इस्तेमाल, मोटापा को प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
लेकिन अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फिट रहने के चक्कर में 'एक्सरसाइज को लेकर युवाओं का जुनून' उनके शरीर पर जोर डाल रहा है'। हैवी व्यायाम के कारण युवा अपनी हड्डियों पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहे हैं, जिसके कारण दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
बहुत जोरदार एक्सरसाइज सेहत के लिए ठीक नहीं
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कम उम्र में बढ़ रही है कार्टिलेज का खराब
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 70 साल की उम्र तक लगभग आधे से ज्यादा लोगों को गठिया हो जाता है। ये समस्या अब कम उम्र वालों को भी प्रभावित कर रही हैं। कार्टिलेज के खराब होने में इस बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं जिनमें जेनेटिक्स, मोटापा, जोड़ों पर बार-बार पड़ने वाला दबाव, धूम्रपान और चोट शामिल हैं।
- ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक के जाने-माने कंसल्टेंट टिम सिनेट कहते हैं, 'हम देख रहे हैं कि कम उम्र के मरीजों में भी टेस्ट में कार्टिलेज में गंभीर क्षति देखी जा रही है।
- हमारा मानना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वे बहुत ज्यादा और बहुत जोरदार एक्सरसाइज कर रहे हैं।
- इससे जाने-अनजाने जोड़ों के आस-पास के सॉफ्ट टिशू में गहरी चोटें लग रही है।
- इसका असर तुरंत तो नहीं दिखता है पर लंबे समय में ये आपको जीवनभर रहने वाली गंभीर समस्या देने वाली हो सकती है।
हड्डियों की बीमारी को कैसे कम करें?
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ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या से बचने के लिए क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं वैसे को एक उम्र के बाद हड्डियों की समस्या और ऑस्टियोआर्थराइटिस होने का खतरा तो बढ़ ही जाता है, पर कम उम्र में इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
- बहुत अधिक तीव्रता वाले व्यायाम बिल्कुल न करें। जिम को कोई भी एक्सरसाइज हमेशा ट्रेनर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
- कैल्शियम से भरपूर डेयरी उत्पादों और सूजन कम करने वाले (एंटी-इंफ्लेमेटरी) खाद्य पदार्थों को डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।
रॉयल ऑस्टियोपोरोसिस सोसाइटी की क्लिनिकल सलाहकार, प्रोफेसर लैनहम-न्यू ने चेतावनी दी: अगर युवाओं ने अपनी डाइट में प्रोसेस्ड चीजों को कम नहीं की और व्यायाम को लेकर सावधानी नहीं बरती तो ये बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है।
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स्रोत:
worrying cause behind the surge of osteoarthritis in younger people
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