इसकी एक वजह तो ये भी होती है कि छात्रों को घर का खाना नहीं मिलता। फिर उनकी उछल-कूद भी घर के मुकाबले कम हो जाती है। अब वैज्ञानिक युवाओं के वजन बढ़ने की एक और वजह गिनाने लगे हैं। वो ये है कि छात्राओं के खान-पान का वक्त यूनिवर्सिटी आते ही बदल जाता है। वो देर रात तक जगते हैं। खाना देर से खाते हैं। बेवक्त सोते हैं। पार्टी करते हैं। इससे युवाओं की बॉडी क्लॉक बहुत डिस्टर्ब हो जाती है। वजन बढ़ने से हमें टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियां और दूसरी बीमारियां हो जाती हैं। इसके पीछे खाने की क्वालिटी तो एक वजह होती ही है। साथ ही, कम कैलोरी बर्न करना भी कारण बन जाते हैं। लेकिन, तमाम नई रिसर्च से ये पता चल रहा है कि खान-पान का वक्त भी मोटापा बढ़ाने और घटाने में अहम भूमिका निभाता है। यानी आप क्या खाते हैं, ये तो अहम है ही। आप कब खाते हैं, ये भी बहुत महत्वपूर्ण है।