फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Study: लिपस्टिक का इस्तेमाल कहीं बढ़ा न दे कैंसर का खतरा, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

Fri, 03 Oct 2025 10:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • श्वसन रोग विशेषज्ञों ने सावधान करते हुए बताया कि कुछ लिपस्टिक में ऐसे हानिकारक केमिकल्स का पता चला है जो न सिर्फ सांस की समस्याओं का बढ़ा सकते हैं बल्कि लंग्स कैंसर तक का कारण बन सकते हैं। 
विज्ञापन
लिपस्टिक से कैंसर का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Lipstick & Lungs Cancer: महिलाओं के फैशन का जिक्र होते ही जिन उत्पादों की सबसे पहले चर्चा होती है लिपस्टिक उनमें से एक है। माना जाता है कि अच्छी लिपस्टिक चेहरे की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही लिपस्टिक आपकी सेहत के लिए खतरे की घंटी भी बन सकती है?

विज्ञापन


हाल के कई अध्ययनों में सामने आया है कि कुछ लिपस्टिक में ऐसे रसायन और धातुएं पाई गई हैं जो लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जुलाई में इसी से संबंधित अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से महिलाओं के मेकअप के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पाद जैसे नकली नाखून, क्यूटिकल क्रीम, ब्लश और लिपस्टिक के कारण अस्थमा रोग का खतरा 47 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसी क्रम में एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है।

श्वसन रोग विशेषज्ञों ने सावधान करते हुए कहा कि कुछ लिपस्टिक में ऐसे हानिकारक केमिकल्स का पता चला है जो न सिर्फ सांस की समस्याओं का बढ़ाते हैं बल्कि लंग्स कैंसर तक का कारण बन सकते हैं। 

विज्ञापन

लिपस्टिक में हो सकते हैं हानिकारक तत्व - फोटो : Adobe stock
लिप उत्पादों में पाए गए हानिकारक रसायन

अध्ययन में विभिन्न ब्रांड्स के लिपस्टिक का परीक्षण किया गया। उनमें से अधिकतर में शोधकर्ताओं ने लेड, कैडमियम, क्रोमियम, एल्युमीनियम और अन्य धातुओं का पता लगाया जो लंबे समय में सेहत को कई प्रकार से क्षति पहुंचाने वाले हो सकते हैं। ये धातुएं जहरीली मानी जाती रही हैं और कैडमियम जैसी धातुओं का पहले से ही तमाम अध्ययनों में फेफड़ों के कैंसर से सीधा संबंध पाया है।

इतना ही नहीं, खाने-पीने के दौरान लिपस्टिक के कुछ अंश शरीर के भीतर भी जा सकते हैं। इसका असर लिवर, किडनी और हार्मोनल बैलेंस तक पर देखा गया है। यही वजह है कि विशेषज्ञ कहते हैं कि इस तरह के उत्पादों को लेने से पहले उनके लेवल की जांच जरूर कर लें।

लिपस्टिक में कैंसर वाले तत्व - फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

ये कोई पहली बार नहीं है जब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फैन्सी लिपस्टिक के इस्तेमाल को सेहत के लिए हानिकारक पाया है। साल 2013 में एनवायर्नमेंटल हेल्थ में प्रकाशित रिपोर्ट में भी शोधकर्ताओं ने सावधान किया था कि कई लिप प्रोडक्ट्स में मेटल्स की मात्रा अधिक पाई गई है जो संभावित रूप से  स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। 

इस अध्ययन के लिए कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 14 से 19 वर्ष की आयु की लड़कियों के एक समूह को शामिल किया। उनसे उन सभी लिपस्टिक और लिप ग्लॉस के ब्रांड और उत्पादों के नाम दर्ज करने के लिए कहा गया, जिन्हें वे नियमित रूप से अपने साथ रखती हैं और घर पर इस्तेमाल करती हैं।

फिर शोधकर्ताओं ने इस सूची के कुल 32 उत्पादों पर स्पेक्ट्रोमेट्री परीक्षण किए। आश्चर्यजनक रूप से इन उत्पादों में लेड, कैडमियम, क्रोमियम, एल्युमीनियम और पांच अन्य धातुओं का पता चला जो लंबे समय में कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

फेफड़ों की समस्याए - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

शोधकर्ताओं के अनुसार, क्रोमियम एक ज्ञात मानव कार्सिनोजेन है, जो सांस लेने या निगलने से फेफड़ों के कैंसर और पेट में ट्यूमर के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है। इसी तरह कैडमियम भी कार्सिनोजेन है जो सांस के माध्यम से शरीर में पहुंचकर फेफड़ों के कैंसर और श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाला हो सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह के जोखिमों से बचे रहने के लिए प्राकृतिक और ऑर्गेनिक लिपस्टिक का ही चयन किया जाना चाहिए। इस्तेमाल के बाद होंठ अच्छी तरह साफ करें। भरोसेमंद ब्रांड और कम केमिकल वाले प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें।
विज्ञापन

मेकअप और इससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : Amarujala.com
मेकअप उत्पादों से कैंसर का खतरा

इससे पहले एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया था कि नियमित रूप से मेकअप करने से वयस्कता में अस्थमा होने का खतरा बढ़ सकता है। शोध में लिपस्टिक, आईशैडो और मस्कारा जैसे उत्पादों का इस्तेमाल करने वालों में श्वसन से संबंधित क्रॉनिक समस्याओं के खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है। 

शोधकर्ताओं ने लगभग 40,000 लोगों पर अध्ययन करके ये समझने की कोशिश की कि मेकअप उत्पादों का सेहत पर किस प्रकार से असर होता है? अध्ययन की रिपोर्ट में पाया गया कि नकली नाखून, क्यूटिकल क्रीम, ब्लश और लिपस्टिक का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में अस्थमा होने का खतरा 47 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



----------------
स्रोत
Concentrations and Potential Health Risks of Metals in Lip Products


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें