फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान: कोरोना से उबरने के बाद पहले दो हफ्तों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, अध्ययन में दावा

Wed, 04 Aug 2021 04:27 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम

सार

द लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, कोरोना से उबरने होने के बाद पहले दो हफ्तों में दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि यह कई बीमारियों का भंडार बन गया है। कोरोना की वजह से लोगों में तरह-तरह की बीमारियों के होने की संभावना काफी बढ़ गई है। द लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, कोरोना से उबरने होने के बाद पहले दो हफ्तों में दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। अध्ययन के मुताबिक, स्वीडन में पिछले साल एक फरवरी से 14 सितंबर 2020 के बीच 86,742 कोरोना मरीजों और 3,48,481 आम लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। 

विज्ञापन


अध्ययन के सह-लेखक ओस्वाल्डो फोन्सेका रोड्रिगेज का कहना है कि कोरोना से स्वस्थ होने के बाद शुरुआती दो हफ्तों में एक्यूट मायोकार्डिनल इन्फार्क्शन और स्ट्रोक को लेकर तीन गुना अधिक जोखिम पाया गया।  

अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने जब कोमोरबिडिटी, उम्र, लिंग और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर गौर किया तो यह पाया कि मायोकार्डिनल इन्फार्क्शन और स्ट्रोक का खतरा बराबर ही रहा। अध्ययन के एक और सह-लेखक और उमिया विश्वविद्यालय के इयोनिस कट्सौलारिस ने कहा, 'परिणाम बताते हैं कि एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर जटिलताएं कोविड-19 की एक महत्वपूर्ण नैदानिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं।' 
विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'हमारे परिणाम यह भी दिखाते हैं कि कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण कितना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से बुजुर्ग, जिन्हें एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर यानी हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा है।' 

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में दो सांख्यिकीय विधियों, द मैच्ड कोहोर्ट स्टडी और सेल्फ कंट्रोल्ड केस सीरीज का उपयोग किया। इयोनिस कट्सौलारिस ने कहा, 'सेल्फ कंट्रोल्ड केस सीरीज स्टडी एक ऐसी विधि है, जिसे मूल रूप से वैक्सीन लेने के बाद होने वाली जटिलताओं के जोखिम को निर्धारित करने को लेकर खोजा गया था। दोनों तरीकों से पता चलता है कि कोविड-19 एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर और स्ट्रोक का एक जोखिम कारक है।' ऐसे में यह जरूरी है कि संक्रमण से बचाव के नियम सख्ती से अपनाएं, मास्क लगाकर रहें, सुरक्षित शारीरिक बनाएं और हाथ धोते रहें। 

स्रोत और संदर्भ:   
What is the association of COVID-19 with heart attacks and strokes? 
https://www.thelancet.com/journals/lancet/article/PIIS0140-6736(21)01071-0/fulltext 
विज्ञापन


अस्वीकरण नोट: यह लेख लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें