ऑफिस या घर में आप कितनी देर, किस तरीके से बैठते हैं? शायद कभी गौर नहीं किया होगा। लगातार बैठे रहने से जोड़ों में दर्द व हड्डी संबंधी बीमारी हो सकती है। ज्यादातर लोगों की शिकायत होती है कि उनकी जीवनशैली और खानपान सही है, फिर भी कमर दर्द बना रहता है। चलने-फिरने में परेशानी होती है। यह समस्या लंबे समय तक बैठे रहने के कारण होती है। कई बार तो मरीज को सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है।
घंटों बैठने के नुकसान
घंटों एक ही स्थान पर बैठे रहने से अनिद्रा, तनाव, बीपी की समस्या, कमर दर्द हो सकता है। देखा जाता है कि ज्यादातर लोग सीधा बैठने की बजाय, झुककर बैठते हैं। ऐसा करने से शरीर का संतुलन प्रभावित होता है, रीढ़ की हड्डी अपनी जगह से हिल सकती है। इससे साइटिका, स्लिप डिस्क जैसी बीमारी होती हैं।
कंप्यूटर पर काम करते हुए बरतें सावधानी
कंप्यूटर पर काम करते वक्त लोग झुककर बैठते हैं, जिससे कमर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। कंप्यूटर पर काम करते वक्त, कुर्सी की ऊंचाई इतनी रखें कि स्क्रीन पर देखने के लिए झुकना न पड़े। न ही गर्दन को जबरन ऊपर उठाना पड़े। कोहनी और हाथ कुर्सी पर रखें, इससे कंधों को आराम मिलेगा। पैरों के नीचे स्टूल या चौकी रख सकते हैं। स्क्रीन आंखों के ठीक सामने होनी चाहिए। काम के दौरान हर दो घंटे बाद ब्रेक लें। कुछ मिनट इधर-उधर चहलकदमी करें, इससे मांसपेशियों और जोड़ों को आराम मिलेगा।
पैर पर पैर रखकर बैठना ठीक नहीं
इस्तांबुल के हाइपरटेंशन क्लिनिक के एक शोध में विशेषज्ञों ने पाया कि पैर पर पैर रखकर बैठने से, हृदय तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह बाधित होता है। इससे ब्लड प्रेशर असंतुलित हो जाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि लंबे समय तक पैर पर पैर रखकर बैठने से ब्लड क्लॉटिंग का खतरा हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय में हुए शोध के अनुसार, जो लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं, उन लोगों में असमय मौत का खतरा 40 फीसदी तक बढ़ जाता है। शोध में पाया गया कि पैर पर पैर रखकर बैठने वाले लोगों में, असमय मौत की संभावना 3 वर्षों में दोगुनी हो गई थी। लोगों की शारीरिक सक्रियता और वजन का इसके कोई संबंध नहीं है।
क्या है उपाय
देर तक कुर्सी पर झुककर न बैठें। भारी सामान उठाने में सावधानी बरतें। अपने वजन को बढ़ने न दें। अचानक झटके के साथ न उठें न बैठें। हमेशा कमर को सीधी और पीछे की ओर करके इस तरह बैठें कि शरीर का भार, दोनों कूल्हों पर बराबर हो। हर तीस मिनट के बाद अपनी पोजीशन बदलें। जब कुर्सी पर बैठें, तो दोनों पैरों को जमीन पर फैला लें। अपने पॉश्चर को ठीक रखें।
बैठने के लिए सही कुर्सी का चुनाव करें। ध्यान रखें कि सीट इतनी बड़ी हो कि बैठने के बाद घुटने और सीट के बीच बस तीन-चार इंच की दूरी हो, यानी सीट चौड़ी हो। बैठते हुए आपकी जांघों को पूरा सपोर्ट मिलना चाहिए। कमर को सीधा रखकर और कंधों को पीछे की ओर खींचकर बैठें। इन उपायों को अपनाकर आप, बैठने संबंधी होने वाली परेशानी से बच सकते हैं।
डॉक्टर कहते हैं
इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, दिल्ली में सीनियर रेजिडेंट डॉ.अतुल्य चौधरी का कहना है कि यदि आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो इससे पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमर की नस पर दबाव पड़ना, खिंचाव, साइटिका, स्लिप डिस्क, पैरों में कमजोरी, जोड़ों में दर्द, गर्दन दर्द आदि की समस्या बनी रह सकती है। इसलिए कोशिश करें कि हर आधे घंटे में अपना बैठने का तरीका बदल लें। बैठते समय गर्दन या कमर को झुकाकर न बैठें। गर्दन झुकाकर काम न करें। आरामदायक कुर्सी लें। आधे या एक घंटे के बाद थोड़ी देर के लिए टहल लें।