दवा का ट्रायल कोरोना तीन तरह के मरीजों पर किया जाएगा
सेप्सिवैक में माइकोबैक्टीरियम डब्ल्यू होता है जो सेप्सिस के मरीजों में इम्यूनिटी यानी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सेप्सिवैक दवा सेप्सिस से होने वाली मृत्यु दर को 50 फीसदी से कम कर देता है। इसलिए कोविड 19 के लिए इसके क्लीनिकल ट्रायल पर विचार किया गया। दवा का ट्रायल कोरोना तीन तरह के मरीजों पर किया जाएगा।
- पहला ट्रायल कोविड-19 के वे मरीज, जो आईसीयू में हैं यानी जिनकी हालत ज्यादा गंभीर है।
- दूसरा ट्रायल उन पर होगा जो आईसीयू में नहीं हैं और
- तीसरा ट्रायल उन लोगों पर जो कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। यह इसलिए कि ठीक होने के बाद दोबारा इसका संक्रमण नहीं हो।
कोरोना के इलाज में यह दवा कितनी कारगर होगी, यह ट्रायल के बाद ही पता चल पाएगा, लेकिन इस दवा ने इस संकट के दौर में एक उम्मीद जरूर दिखाई है।