डॉक्टर बताते हैं कि अक्सर व्रत करने के बाद महिलाएं ऐसा खाना खाना पसंद करती है जिसमें फैट, कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी भरपूर मात्रा में मौजूद होती है, जिसकी वजह से हाइपरग्लेसेमिया का स्तर बढ़कर ग्लाइसेमिक इंडेक्स बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। बता दें, टाइप-1 डायबिटीज वाली महिलाओं में हाइपोग्लाइसीमिया होने का जोखिम ज्यादा बना रहता है। ऐसी महिलाओं के लिए डॉक्टर कहते हैं कि खाने की अच्छी आदतों को अपनाकर इस रोग से पीड़ित महिलाएं इस व्रत को रख सकती हैं।