करेला, गुडुची, बेलपत्र, और जामुन के एक शक्तिशाली मिश्रण के साथ बनाया गया, डाय फ्री जूस चिकित्सकीय रूप से 3 महीने की अवधि में फास्टिंग शुगर को 30% और भोजन के बाद के शुगर को 29% तक कम करने के लिए सार्थक है। इस आयुर्वेदिक जूस का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह पूरी तरीके से इन समस्याओं को जड़ से मैनेज करने और हल करने में मदद करता है।
कपिवा का डाय फ्री जूस कई अन्य तरह के लाभ में भी मदद करता है। इसमें शामिल हैं:
डाय फ्री जूस आयुर्वेद के ज्ञान के साथ रिसर्च बेस्ड भी है और जिसे सर्वोत्तम परिणामों के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। प्रत्येक जड़ी-बूटी के ऐसे लाभ हैं जो डायबिटीज और इसकी जटिलताओं को समग्र रूप से मैनेज करने की दिशा में काम करते है। जैसे कि करेला में पॉलीपेप्टाइड-पी नामक एक यौगिक होता है जो इंसुलिन की तरह काम करता है। जामुन उच्च पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट सामग्री के साथ ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है। गिलोय कार्बोहाइड्रेट के धीमे अवशोषण में मदद करता है, जिससे अत्यधिक ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव नियंत्रित होता है। बेलपत्र मूवमेंट को नियंत्रित करता है और ये सक्रिय तौर पर "फेरोनिया गम" के साथ सेल्स में ब्लड सर्कुलशन इंसुलिन को भी नियंत्रित करता है, जबकि इसमें मौजूद गुडमार एंटीऑक्सिडेंट और अन्य यौगिकों से भरा होता है, जो इंसुलिन के हिसाब से सेल के रेस्पॉन्स में सुधार करते हैं।
चिकित्सकीय रूप से परीक्षण किए गए इस जूस को बनाने में उपयोग की जाने वाली ये जड़ी-बूटियां कृत्रिम मिठास, माल्टोडेक्सट्रिन, कोलेस्ट्रॉल और अन्य हानिकारक तत्वों से सुरक्षित और मुक्त है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि डाय फ्री डायबिटीज को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने का एक स्वस्थ तरीका है। 11 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने का काम करते हैं।