आने वाले तीन दिन त्योहार और उपवास के होंगे। पहले हरतालिका तीज, फिर गणेश चतुर्थी और फिर ऋषि पंचमी। देश के कई स्थानों पर ये तीन दिन महिलाओं के उपवास के होते हैं। जाहिर है कि हरतालिका का निर्जला व्रत, चतुर्थी का व्रत और फिर ऋषि पंचमी का फलाहार का व्रत। लगातार तीन दिन तक यह शरीर और मन दोनों की परीक्षा का होता है। हालांकि व्रत-उपवास आस्था और श्रद्धा के प्रतीक होते हैं, लेकिन श्रद्धा और आस्था तब सार्थक हैं जब आप स्वस्थ रहकर पूजन और ध्यान कर सकें। ईश्वर भी अपनी संतान को दुख में रखकर पूजा अर्चना नहीं करवाना चाहता। इसलिए अगर आप इन तीनों दिन का व्रत रखती हैं तो कुछ बातों का खास ध्यान रखें।
- कोरोना महामारी के मद्देनजर अभी देशभर में टीकाकरण यानी वैक्सीनेशन अभियान जारी है। अगर आपने व्रत के एक दो दिन पहले ही वैक्सीन लिया है या व्रत वाले दिन लेने वाली हैं तो भूलकर भी उपवास न करें। हर सेंटर पर टीका लगाने से पहले पूछा जाता है कि आप खाली पेट तो नहीं हैं। इसका महत्व है। इसलिए खाली पेट रहने से बचें।
- वैक्सीनेशन के बाद यदि आपको बुखार या कमजोरी है तो भी उपवास न रखें
- अगर आप गर्भवती हैं या बच्चे को स्तनपान करवा रही हैं तो कड़क उपवास से बचें
- डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम, कैंसर या ऐसी ही अन्य समस्याओं से ग्रसित महिलाओं को भी बहुत कड़क उपवास रखने से बचना चाहिए
- अगर आपको लगातार तीन दिनों के व्रत करने भी हैं तो कोशिश करें कि एक दिन एक समय का भोजन और बाकी दो दिन फल, सूखे मेवे, दूध आदि लें। मिठाई, साबूदाना खिचड़ी जैसी गरिष्ठ चीजों के सेवन से बचें
- आप जो भी दवाइयां नियमित ले रही हैं उनका सेवन बिना नागा करें। खासकर डायबिटीज और हाई बीपी की गोलियां
- कोरोना से उबरने के तुंरत बाद भी कड़क उपवास न करें। इस समय आपके शरीर को पौष्टिक भोजन की जरूरत ज्यादा होती है
- पानी नियमित अंतराल पर पीती रहें