कोविड-19 महामारी के दौर में लोग तमाम प्रकार के उपायों को प्रयोग में लाकर खुद को स्वस्थ ऱखने का प्रयास कर रहे हैं। इस समय लोगों का सबसे ज्यादा जोर अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने पर है। इम्यूनिटी मजबूत होने से शरीर कई तरह की बीमारियों से खुद को सुरक्षित करने के योग्य हो जाता है। अमर उजाला फाउंडेशन ने लोगों के मन मे आ रहे इम्यूनिटी से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब डॉक्टरों से जानने की कोशिश की। गुरुवार शाम पांच बजे अमर उजाला के फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर लाइव चले कार्यक्रम में देश के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट डॉ मनीष चौहान और एम्स की डॉक्टर आयशी ने शिरकत की। हमने डॉक्टरों से इम्यूनिटी मजबूत करने से संबंधित सवालों के जवाब जानने की कोशिश की।
इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए क्या करना चाहिए?
इस सवाल के जवाब में डॉ आयशी कहती हैं कि कोरोना के समय में लोगों का ध्यान इम्यूनिटी बढ़ाने की ओर ज्यादा जा रहा है जबकि इम्यूनिटी बढ़ाने पर लोगों को लगातार ध्यान देते रहना चाहिए। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और खाने में प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। इस दौर में सभी लोगों को सांस वाले व्यायामों को जरूर करना चाहिए। फेफड़ो को मजबूत करने वाले व्यायामों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
क्यों कमजोर हो रही है लोगों की इम्यूनिटी
डॉ आयशी बताती हैं कि जीवनशैली की दिक्कतों के साथ हाई फैट डाइट का सेवन करना हमारी इम्यूनिटी को कमजोर करता जा रहा है। शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखना बहुत जरूरी होती है पानी और आवश्यकतानुसार ओआरएस का घोल लेते रहना जरूरी होता है। शरीर में इम्यूनिटी एक दिन में नहीं बनती है ऐसे में इन उपायों के लगातार प्रयोग में लाते रहना चाहिए।
कोरोना की रिपोर्ट आने तक कैसे रखे ख्याल?
जाने माने न्यूरोलॉजिस्ट डॉ मनीष बताते हैं कि कोरोना की जांच करने के बाद रिपोर्ट आने तक का समय महत्वपूर्ण होता है, इस समय में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। किसी डॉक्टर से संपर्क करके लक्षणों के आधार पर तुरंत दवाएं शुरू कर देना जरूरी होता है। यदि आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो डॉक्टर आवश्यकतानुसार सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। इससे सीने में बन रहे पैच का पता चल जाता है।
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नोट: यह लेख न्यूरोलॉजिस्ट डॉ मनीष चौहान और एम्स की डॉक्टर आयशी से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।