हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय
- फोटो : istock
ठंड के मौसम में बढ़ सकती है दिक्कतें
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ विभव सिंह बताते हैं, ठंड के मौसम में हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से तापमान को बैंलेस करते रहने की कोशिश करता है। जब बाहर का तापमान कम होने लगता है तो इसके हिसाब से शरीर को अपना तापमान सेट करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण बीएमआर (बेसल मेटाबोलिक रेट) बढ़ जाता है। बेसल मेटाबोलिक रेट शरीर के मेटाबॉलिज्म को मापता है। इसके अलावा सर्दियों के दौरान वाहिकाओं में संकुचन की समस्या भी बढ़ जाती है जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने का खतरा हो सकता है।
हृदय रोगों के जोखिम कारकों के बारे में जानिए
डॉ विभव बताते हैं, वैसे तो हृदय रोगों का खतरा फिलहाल सभी लोगों के लिए बना हुआ है पर कुछ कारकों को चलते यह जोखिम बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही हार्ट अटैक हो चुका है या फिर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम रहे हैं उनमें इस मौसम में हार्ट अटैक होने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को हृदय की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
सर्दियों के मौसम में भी नियमित योग-व्यायाम की आदत बनाएं। हृदय पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इस बात का पूरा ख्याल रखें।
हृदय रोगी रखें विशेष ध्यान
- फोटो : istock
कैसे रखें हृदय को स्वस्थ?
हृदय की सेहत को ठीक रखने के लिए लाइफस्टाइल को ठीक रखना बहुत आवश्यक है। स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम की आदत धमनियों को स्वस्थ रखने और हृदय को बेहतर तरीके से काम करते रहने में मदद करती हैं। सर्दियों में हाई कैलोरी वाले आहार का सेवन कम करें। अधिक ठंड से बचाव करते रहें, यदि आपकी पहले से ही हृदय की बीमारियों का दवा चल रही है तो इसमें कोताही न बरतें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है।
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।