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यहां जानें आपको कैसे मिलेगी कोरोना वैक्सीन, सरकार का खाका तैयार- एक व्यक्ति पर 500 रुपये खर्च का अनुमान

Thu, 22 Oct 2020 09:46 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) - फोटो : Amar Ujala/iStock/ANI
देश और दुनिया में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। भारत में भी तीन वैक्सीन कामयाबी के करीब है। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, लोगों के बीच उत्सुकता और चिंता बढ़ती जा रही है कि उन तक वैक्सीन कैसे उपलब्ध होगी, क्या इसके लिए सरकार सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम चलाएगी या फिर यह किसी अन्य माध्यम से लोगों के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि समय के साथ धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट होती जा रही है कि लोगों को वैक्सीन कैसे मिलेगी। दरअसल, देश की 130 करोड़ आबादी तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने खाका लगभग तैयार कर लिया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : twitter
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान जनता को आश्वस्त किया था कि देश के प्रत्येक व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई विशेषज्ञ समितियां इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने देशभर के लोगों के लिए वैक्सीन प्राप्त करने और इसके वितरण के लिए करीब 51 हजार करोड़ रुपये का फंड निर्धारित कर दिया है। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
सूत्रों के मुताबिक, सरकार की तैयारी ऐसी है कि चालू वित्तीय वर्ष में कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए पैसों की कमी नहीं आए। प्रशासनिक अधिकारियों का अनुमान है कि देश में हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाने में करीब 6-7 डॉलर यानी 450 से 550 रुपये का खर्च आएगा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
अबतक जो भी वैक्सीन विकसित की जा रही हैं, एक व्यक्ति के लिए उनकी दो डोज जरूरी होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक डोज का खर्च करीब 150 रुपये आएगा। एक व्यक्ति के लिए वैक्सीन के रख-रखाव और उसके ट्रांसपोर्टेशन पर करीब 220 रुपये खर्च होंगे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के सभी लोगों तक वैक्सीन पहुंचाने का भरोसा जताया है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार ने वैक्सीन के लिए फंड जुटा लिया है। खबरों के मुताबिक, पहले चरण के टीकाकरण का खाका भी तैयार कर लिया गया है, जिसमें उच्च जोखिम वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
केंद्रीय स्तर पर विशेषज्ञों की समितियां बनाई गई है, जो वैक्सीन तैयार होने से लेकर इसके वितरण और टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए अभी से ही योजना बना रही है। पहले चरण के कार्यक्रम का प्लान लगभग ड्राफ्ट कर लिया गया है। इसके मुताबिक प्राथमिकता के आधार पर उच्च जोखिम वर्ग के लोगों को वैक्सीन दी जानी है। इसमें स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल होंगे। हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचे, इसको लेकर भी अब योजना तैयार की जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
हाल ही में ऐसी खबरें सामने आ रही थी कि कोरोना वैक्सीन लेने के लिए नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (NDHM) की डिजिटल आईडी अनिवार्य होगी। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने स्पष्ट किया है कि हर देशवासी को कोरोना की वैक्सीन मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के पहचान पत्र (ID) का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनडीएचएम की सेवाओं के लिए किसी भी प्रकार की आईडी जरूरी नहीं है। ऐसे में यह कहना ठीक नहीं होगा कि सिर्फ वैक्सीन के लिए ही आईडी को अनिवार्य किया जाएगा। ऐसा नहीं है कि जिसके पास डिजिटल आईडी नहीं है, वे टीकाकरण से वंचित रह जाएंगे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि हेल्थ आईडी का इस्तेमाल खासकर वैसे मामलों में किया जाएगा, जब व्यक्ति/लाभार्थी के पास (दूसरा) हेल्थ आईडी नहीं है। उन्होंने कहा कि कई अन्य आईडी भी हैं जिनका एनडीएचएम के मामले में उपयोग किया जा सकता है। आम चुनावों में जैसे वोट डालने के लिए लोगों के पास पहचान पत्र के कई सारे विकल्प दिए जाते हैं, वैक्सीन के लिए भी वैसा ही रहेगा, ताकि कोई भी टीकाकरण से वंचित न रहे।
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