एमवी होंडियस पर फैला हंतावायरस
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हंतावायरस संक्रमण की शिकार महिला के अनुभव
हंतावायरस का गंभीर संक्रमण झेलने वाली 43 वर्षीय जेनिफर बेनेविएट ने डेली मेल को बताया कि करीब 16 साल पहले उन्हें हंतावायरस हुआ था। उन्हें आईसीयू साइकोसिस (आईसीयू में रहने से होने वाला मानसिक भ्रम) का अनुभव हुआ था। इससे ठीक होने के बाद उन्हें दोबारा से चलना और नहाना सीखना पड़ा था। तीन बच्चों की मां बेनेविएट दिसंबर 2010 में क्रिसमस के आस-पास इस बीमारी की चपेट में आई थीं।
- संक्रमण के कारण होने वाले लक्षणों को लेकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी जान भी जा सकती है।
- बेनेविएट को 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया, जिसके कारण उसके शरीर का गर्दन से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया।
हंतावायरस की शिकार महिला के अनुभव
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संक्रमण के बाद क्या-क्या हुआ?
जेनिफर ने बताया कि संक्रमण के कुछ दिनों बाद एक दिन अचानक मैं गिर गई। मैं बहुत थक गई थी और मुझे बुखार भी था, लेकिन अगले दिन मुझे काम पर जाना था, इसलिए मैंने सोचा कि मैं सो जाऊंगी और सुबह तक ठीक हो जाएगा।
- लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। वह कुछ घंटों बाद जागीं और खूब उल्टियां होने लगीं।बुखार और भी ज्यादा बढ़ गया था।
- परिवार के लोग तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन वहां के जितने भी टेस्ट हुए, उनमें कुछ भी नहीं सामने आया। उन्होंने बताया सब कुछ नेगेटिव था- न कोई फ्लू, न कुछ और।
- डॉक्टर भी हैरान थे। इसके बाद हो रहे लक्षणों को कम करने वाली दवा देकर घर भेज दिया गया, लेकिन अगले दिन हालत और भी ज़्यादा बिगड़ गई।
- इस बार, घर वाले तुरंत इमरजेंसी रूम ले गए, जहां पता चला कि ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरने लगा।
- जेनिफर कहती हैं, मैं ठीक से सांस नहीं ले पा रही थी।
- जांच रिपोर्ट आने में 10 दिन लगे और इस पूरे समय उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। उन 10 दिनों के दौरान, मुझे कुछ भी याद नहीं है। यहां तक कि जब मैं जाग रही थी और मुझे होश था, तब भी मुझे उस समय का कुछ भी याद नहीं है।' ये कोमा जैसी स्थिति थी।
- आखिरकार डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्हें 'हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम' था। मैंने इसके बारे में पहले कभी नहीं सुना था।
हंतावायरस संक्रमण ने कठिन कर दी रोजमर्रा की जिंदगी
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16 साल बाद अब भी होती हैं कई दिक्कतें
रिपोर्ट के मुताबिक जेनिफर को अस्पताल में बिताए उन दिनों की कोई याद नहीं है। लिहाजा वायरस से ठीक होने बाद उन्हें वे सारी चीजें फिर से सीखनी पड़ीं 'जो एक आम इंसान दिन भर में करता है। यह भी सीखना पड़ा कि खुद खाना कैसे खाया जाए और नहाया कैसे जाए? मुझे आज भी यह साफ नहीं है कि हंतावायरस कैसे और कहां से हुआ?
- जेनिफर ने बताया कि जब उन्होंने हालिया घटना एमवी होंडियस क्रूज शिप पर हंटावायरस फैलने की खबर सुनी, तो सदमे जैसा महसूस हुआ।
- जेनिफर ने कहा कि इस बीमारी को मात दिए हुए एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद, आज भी उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में संक्रमण के असर महसूस होते हैं।
- वह कहती हैं, 16 साल बाद भी मुझे मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होती है और मेरे हाथ-पैरों में सुन्नपन व झनझनाहट रहती है।
- ठीक होने के बाद घर का काम और ऐसी ही दूसरी चीजें करते समय, मुझे पहले के मुकाबले ज्यादा बार ब्रेक लेने पड़ते हैं।
संक्रमण से ठीक हुए लंबा वक्त बीत जाने के बाद अब वह सब कुछ कर सकती है जो पहले किया करती थीं, लेकिन उन्होंने माना कि अब उतनी तेजी से रोजमर्रा के काम नहीं हो पाते, जितनी तेजी से पहले हो जाता था। जेनिफर कहती हैं, कई चीजें अब तक साफ नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के लोग मेरे घर आए लेकिन उन्हें ऐसी कोई चीज नहीं मिली जिससे यह पक्के तौर पर कहा जा सके कि वायरस वहीं था।
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स्रोत:
Rat virus survivor reveals horrifying long term effects from hantavirus after she ended up in coma
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