फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

H5N1: जानवरों से लेकर इंसानों तक कहर बनकर टूट रही है ये बीमारी, इससे बचाव के लिए क्या करें? जानिए उपाय

Sun, 26 Jan 2025 01:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से बर्ड फ्लू (एच5ए1) मुर्गियों के अलावा, गायों सहित अन्य जानवरों को संक्रमित कर रहा है, इसने निश्चित ही चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में अमेरिका में भी एक व्यक्ति की संक्रमण से मौत हो गई है। आइए जानते हैं कि आप इससे कैसे बचाव कर सकते हैं?
विज्ञापन
एच5एन1 का बढ़ता संक्रमण - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिछले कुछ वर्षों का डेटा उठाकर देखें तो पता चलता है कि दुनियाभर में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है। दिसंबर 2019 में हुई कोरोना की शुरुआत के बाद मंकीपॉक्स, म्यूकोरमाइकोसिस, एचएमपीवी और अब बर्ड फ्लू (एच5ए1) ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक साल के भीतर दुनिया के कई देशों में बर्ड फ्लू के मामले तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए।

विज्ञापन


हाल के अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने वायरस में करीब नौ म्यूटेशनों का पता लगाया है जो न सिर्फ इसकी संक्रामकता को बढ़ाते हैं साथ ही बर्ड फ्लू के कारण मृत्यु का जोखिम भी अधिक हो सकता है।

बर्ड फ्लू को आमतौर पर सिर्फ पक्षियों में होने वाले संक्रमण के तौर पर जाना जाता था हालांकि अब ये न सिर्फ गायों और इंसानों को संक्रमित कर रहा है बल्कि इसके कारण इंसानों में मौत के मामले भी दर्ज किए गए हैं। बर्ड फ्लू के कारण होने वाले जोखिमों को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि ये बीमारी जानवरों से लेकर इंसानों तक कहर बनकर टूट रही है। 

विज्ञापन

बर्ड फ्लू (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)
कोरोना से भी खतरनाक है ये वायरस

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से ये मुर्गियों के अलावा, गायों सहित अन्य जानवरों को संक्रमित कर रहा है, इसने निश्चित ही चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में अमेरिका में भी एक व्यक्ति की संक्रमण से मौत हो गई है। अमेरिका के अलावा जार्जिया, भारत सहित कई देशों में इस संक्रामक रोग का खतरा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पोल्ट्री फॉर्म्स सहित गायों और अन्य जानवरों में भी संक्रमण की चिंताओं को लेकर अलर्ट किया है।

कई रिपोर्ट्स कहत हैं कि एच5एन1 कई मामलों में कोरोना और हाल के दिनों में देखी गईं संक्रामक बीमारियों से ज्यादा खतरनाक हो सकता है, जिसे लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

(ये भी पढ़ें- कोविड-19 से कई गुना खतरनाक वायरस का तेजी से बढ़ रहा है संक्रमण)

गायों में बर्ड फ्लू की बीमारी - फोटो : Freepik
गायों सहित अन्य जानवरों में भी देखा गया संक्रमण

बर्ड फ्लू को आमतौर पर मुर्गियों में संक्रमण फैलाने वाला माना जाता रहा है हालांकि अब गायों, कौए सहित कई अन्य जानवरों में भी इसके संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। अप्रैल 2024 में पहली बार अमेरिका में मवेशियों में एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) संक्रमण के मामले सामने आए। यह पहली बार था कि जब ये वायरस गायों में पाया गया और यह गाय से इंसान में बर्ड फ्लू फैलने का भी ये पहला मामला था।

इसके अलावा हाल में ही में नागपुर में बाघ और तेंदुए की मौत हुई जिनमें भी बाद में बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि की गई। विशेषज्ञों ने कहा प्रभावित स्थानों पर लोगों को इस रोग से बचाव को लेकर अलर्ट रहना जरूरी है। जंगली पक्षियों, मुर्गी, अन्य पालतू पक्षियों और पालतू जानवरों (गायों सहित) से निकट संपर्क से बचना चाहिए। 

एच5एन1 से संक्रमण - फोटो : istock
चूजे-कौए भी पाए गए संक्रमित, पक्षियों की मौत

इसके अलावा हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक पोल्ट्री फार्म में करीब 4,200 चूजे मृत पाए गए, कुछ दिन पहले ही करीब 60 कौए भी बर्ड फ्लू से मारे गए थे। एक अधिकारी ने बताया कि कई गांवों में पिछले कुछ हफ्तों में बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हुईं। सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं, प्रारंभिक तौर पर इन्हें एच5एन1 से संक्रमित माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाल के दिनों में सामने आई कई रिपोर्ट्स में इंसानों में भी संक्रमण बढ़ने की जानकारियां मिली हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।
विज्ञापन

एच5एन1 संक्रमण से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को बर्ड फ्लू से बचाव को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता है। जिन इलाकों में संक्रमण के मामले ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं वहां अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
  • एहतियात के तौर पर बीमार या मृत जंगली पक्षियों, मुर्गियों और अन्य जानवरों के साथ सीधे संपर्क से बचना चाहिए।
  • जंगली या घरेलू पक्षियों या संक्रमण वाले अन्य जानवरों की लार, बलगम या मल से दूषित सतहों को न छुएं।
  • संदिग्ध जानवरों के कच्चे दूध  या मांस का सेवन न करें। 
  • हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। हाथों को साबुन और पानी या फिर सेनेटाइजर से साफ करते रहें।


--------------
स्रोत और संदर्भ
Prevention and Antiviral Treatment of Avian Influenza A Viruses in People


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें