फ्लू के मामलों को लेकर अलर्ट
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कोविड, फ्लू के कारण हार्ट अटैक का जोखिम
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 155 अध्ययनों की समीक्षा में पाया कि कोविड, फ्लू या लंबे समय तक वायरल संक्रमण से पीड़ित होने से दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग लंबे समय तक कोविड या फ्लू के संक्रमण से पीड़ित थे, उनमें संक्रमण के बाद के हफ्तों में हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम, अन्य लोगों की तुलना में पांच गुना अधिक था।
जिन लोगों को फ्लू हुआ, उनमें संक्रमण के एक महीने के भीतर दिल का दौरा पड़ने का चार गुना और स्ट्रोक का पांच गुना अधिक जोखिम पाया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, हम सभी को इस तरह के जोखिमों को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है, फ्लू जैसे संक्रमण भी कई बार गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययन में पाया गया कि कोविड से संक्रमित लोगों में संक्रमण के 14 हफ्तों के भीतर दिल का दौरा या स्ट्रोक होने की आशंका तीन गुना अधिक देखी गई।
यहां जोखिम सिर्फ वायरल संक्रमण तक ही सीमित नहीं हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि एचआईवी, हेपेटाइटिस सी जैसे संक्रमण से पीड़ित रोगियों में हार्ट अटैक का जोखिम 60 प्रतिशत और स्ट्रोक का जोखिम कुल मिलाकर 45 प्रतिशत अधिक देखा गया।
अध्ययन का नेतृत्व करने वाले महामारी विज्ञानी डॉ. कोसुके कवाई कहते हैं, यह सर्वविदित है कि मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी), हेपेटाइटिस बी वायरस और अन्य वायरस कैंसर का कारण बन सकते हैं। हालांकि, वायरल संक्रमण के कारण हृदय रोग जैसी गैर-संचारी बीमारियों के बीच संबंध को कम ही समझा गया है।
ब्रेन स्ट्रोक का हो सकता है खतरा
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वायरल संक्रमण कैसे बनता है हार्ट अटैक का कारण
वैज्ञानिकों ने कहा, दशकों से वायरल संक्रमण, दिल के दौरे या स्ट्रोक के बीच संबंध होने का संदेह रहा है। इस अध्ययन में इन संबंधों की पुष्टि होती है।
यह स्पष्ट नहीं है कि संक्रमण इन जोखिम क्यों बढ़ाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिरक्षा प्रणाली के अति सक्रिय होने से शरीर में इंफ्लेमेशन की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे रक्त के थक्के बनने और इसके कारण हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि संक्रमण से पीड़ित होने के बाद वृद्ध लोगों में युवाओं की तुलना में जोखिम कहीं अधिक होता है।
यूटीआई और हार्ट अटैक का खतरा
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यूटीआई के कारण हार्ट अटैक का खतरा
इससे पहले अमर उजाला में सितंबर में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से यूटीआई के कारण हार्ट अटैक होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
शोध में विशेषज्ञों की टीम ने बताया है कि दुनियाभर में लाखों लोगों को होने वाले कुछ आम वायरल संक्रमण जैसे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) हार्ट अटैक की समस्या को ट्रिगर करने वाले हो सकते हैं। इनका आपस में क्या संबंध है इसे
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स्रोत
Viral Infections and Risk of Cardiovascular Disease: Systematic Review and Meta‐Analysis
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