डॉ गोपाल चावला
छाती रोग विशेषज्ञ
मेट्रो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा
कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने लोगों के मन में एक डर का माहौल बना दिया है। पहली लहर के विपरीत इस बार स्वस्थ लोग भी संक्रमित हो रहे हैं। इतना ही नहीं इस बार लोगों में कई तरह के लक्षण भी देखे गए हैं। खांसी या बुखार के अलावा दूसरी लहर में लोग कई असामान्य और अपेक्षाकृत कहीं अधिक जटिल लक्षणों के शिकार हो रहे हैं। कोरोना संक्रमितों में न्यूरोलॉजिकल जटिलताएं भी काफी ज्यादा देखने को मिल रही हैं। लोगों के मन में इसको लेकर कई तरह के सवाल हैं जैसे यदि वायरस एक है तो इसके लक्षण लोगों में अलग-अलग कैसे देखे जा रहे है? क्या आने वाली संभावित तीसरी लहर में इसके लक्षणों में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर शनिवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञ से कोरोना के हल्के और गंभीर लक्षणों में अंतरों के बारे में जानने की कोशिश की। इस दौरान छाती रोग विशेषज्ञ, डॉ गोपाल चावला ने सभी सवालों के जवाब दिए।
नजर आते हैं भिन्न-भिन्न लक्षण
डॉ गोपाल बताते हैं कि कोरोना मुख्यरूप से श्वसन से संबंधित वायरस है। हालांकि दूसरी लहर में वायरस के म्यूटेशन और नए स्ट्रेनों के कारण खांसी या बुखार के अलावा लोगों को स्वाद और गंध न आने, पेट की दिक्कत, उल्टी होने और आंखों के आने की भी समस्या देखने को मिली है। कोरोना के कई रोगी ऐसे देखे जा रहे हैं जिनमें बहुत हल्के लक्षण हैं जबकि कुछ में गंभीर लक्षणों का पता चल रहा है।
वायरस एक पर लक्षण कैसे अलग-अलग?
इस सवाल के जवाब में डॉ गोपाल बताते हैं कि जैसे हर इंसान का फिंगरप्रिंट अलग होता है वैसे ही इम्यून रिस्पांस भी भिन्न हो सकता है। जब वायरस शरीर में जाता है तो यह एसीई2 रिसेप्टर पर अटैक करता है। इसमें सामान्य तौर पर हल्के लक्षण देखने को मिलते हैं। हालांकि इसके बाद जब शरीर उस वायरस पर अटैक करता है तो इम्यून रिस्पांस की वजह से भिन्न-भिन्न लक्षण हो सकते हैं।