ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स
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दो नहीं, चार वैरिएंट्स हैं देश में सक्रिय
आईसीएमआर-एनआईवी पुणे के निदेशक डॉ नवीन कुमार ने बताया कि पिछले कुछ समय से देश में कोरोना के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। जिन सब-वैरिएंट्स के इसके लिए प्रमुख पाया गया है उनमें JN.1, LF.7, XFG और NB.1.8.1 हैं। डॉ नवीन कुमार ने कहा, अभी तक ये वैरिएंट्स इतने गंभीर नहीं दिखे हैं। हम सभी मौजूदा स्ट्रेन को अलग कर रहे हैं।
इसके अलावा हाल ही में, न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ राजीव बहल ने कहा कि सरकार ट्रांसमिशन, निगरानी और तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, लेकिन वर्तमान में प्रसारित हो रहे वैरिएंट के लक्षण भी ओमिक्रॉन के पिछले वैरिएंट्स जैसे हल्के ही हैं।
कोरोना को हल्के में लेने की न करें भूल
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इन तीन बातों पर सरकार की नजर
डॉ बहल ने कहा, सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां कोविड-19 मामलों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं और आवश्यक कदम उठा रही हैं। वर्तमान में, सक्रिय मामलों की संख्या में कमी आई है और अधिकांश मामले दक्षिणी और पश्चिमी भारत तक सीमित हैं। सरकार तीन प्रमुख कारकों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
- संक्रमण की दर क्या है?
- तेजी से बढ़ते मामले
- क्या वायरस हमारी प्राकृतिक और वैक्सीन-प्रेरित प्रतिरक्षा को चकमा दे रहा है?
कोरोनावायरस और इसका जोखिम
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'कोरोना हमेशा हमारे बीच ही है'
वहीं, डॉ नवीन कुमार ने कहा, हमें यह समझना होगा कि महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक कोरोना के मामले कभी भी 'शून्य' नहीं रहे हैं। भले ही देश में किसी समय संक्रमण के मामले न के बराबर होते हैं पर हमें ये समझना होगा कि कोरोना हमारे आसपास ही है।
हाल के महीनों में सिंगापुर और अन्य पड़ोसी देशों में मामलों की संख्या में वृद्धि के बाद, हमने यह भी देखा कि जो स्ट्रेन सिंगापुर में प्रसारित हो रहा है, वह 5-6 हफ्तों में यहां भी आ गया है। इसलिए हमने अपनी निगरानी और परीक्षण भी बढ़ा दिए। कोरोना की इस प्रकृति के देखते हुए सभी लोगों को संक्रमण से बचाव को लेकर निरंतर सावधानी और सतर्कता बरतते रहना जरूरी है।
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स्रोत
Currently circulating COVID-19 Variants under Monitoring
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