फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19: पिछले 24 घंटे में दिल्ली में सबसे ज्यादा नए मामले, हवा के अलावा इस माध्यम से भी फैल सकता है वायरस

Mon, 02 Jun 2025 07:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • Covid News In India: देश में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है।
  • देश में फिलहाल 3961 एक्टिव केस हैं। एक दिन में ही 203 नए लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, चार लोगों की कोरोना से मौत हुई है।
  • कई स्थानों पर अपशिष्ट जल में भी कोरोनावायरस के वायरल लोड में वृद्धि देखी गई है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण और खतरा - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Covid-19 In India: कोरोनावायरस के मामले देश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 15 दिनों में संक्रमण की जो रफ्तार देखी गई है, वह चिंता बढ़ाने वाली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डेटा के मुताबिक देश में फिलहाल 3961 एक्टिव मामले हैं। एक दिन में ही 203 नए लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, चार लोगों की कोरोना से मौत हुई है।

विज्ञापन


पिछले 24 घंटे में दिल्ली में सबसे ज्यादा 47 और पश्चिम बंगाल में 44 लोगों को संक्रमण का शिकार पाया गया है। अच्छी बात ये है कि 370 लोग कोरोना से ठीक भी हो चुके हैं।




देश में संक्रमण के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर स्कूलों और अभिभावकों से राज्य में कोविड की स्थिति को देखते हुए एहतियात बरतने को कहा है। इसमें कहा गया है कि अगर बच्चों को बुखार, सर्दी-खांसी जैसे लक्षण हो रहे हैं तो उन्हें स्कूल न भेजें। मास्क लगाना, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना भी कोरोना के खतरे से बचे रहने के लिए जरूरी है।

विज्ञापन

कोरोनावायरस के मामले - फोटो : Adobe stock photos
कोविड के अपडेट्स जानिए

देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रहे कोरोना के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। 
  • जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के गोदावरी हॉस्टल में कोरोना का एक मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें कैंपस परिसर में संक्रमण फैलने से रोकने को निर्देश दिए गए है। स्कूलों/विशेष केंद्रों में कोविड निगरानी समिति के गठन का परामर्श जारी किया गया है।
 
  • जम्मू-कश्मीर में कोरोना के सात नए मामलों के बाद अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन और दूसरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभी तक सरकार की ओर से कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है, हालांकि एहतियात के तौर पर अस्पतालों में तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।


 
  • दिल्ली में एक जनवरी से अभी तक कोरोना के 436 मरीजों की पुष्टि हुई। इनमें से 357 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना के इलाज के लिए अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था की गई है, साथ ही निजी अस्पतालों का भी सहयोग लिया गया है। मरीजों को फिलहाल डरने की जरूरत नहीं है। पिछले 24 घंटे में यहां 47 नए केस सामने आए हैं।

कोरोना के मामलों को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Adobe stock photos
कोरोना को लेकर सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के कारण होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। 65 साल से अधिक उम्र के लोग, कोमोरबिडिटी के शिकार या फिर जो लोग गर्भवती हैं वे विशेष सावधानी बरतें। हाल ही में हुए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि गर्भावस्था के दौरान संक्रमण होने से गर्भपात और अन्य जटिलताओं की आशंका कई गुना तक बढ़ जाती है।


(ये भी पढ़िए-  महीनों से शांत कोरोना अचानक कैसे बढ़ने लगा? जीन वैज्ञानिक ने सरल भाषा में समझाया इसका पूरा गुणा-गणित)

कोरोना को लेकर शोध (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
अपशिष्ट जल में मिला कोरोनावायरस

कोरोना मुख्यरूप से श्वसनवायरस है जो संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के माध्यम से फैलता है। हालांकि कई स्थानों पर अपशिष्ट जल में भी कोरोनावायरस के वायरल लोड में वृद्धि देखी गई है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है।

बेंगलुरु स्थित टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक्स एंड सोसाइटी (टीआईजीएस) की एक रिपोर्ट के मुताबिक अपशिष्ट जल निगरानी डेटा से पता चलता है कि पिछले दो हफ्तों में इसमें कोविड-19 वायरल लोड में काफी वृद्धि हुई है, ये पिछले सप्ताह की तुलना में अधिक थी। कोविड-19 के मामलों के सामने आने के कुछ दिन पहले से ही अपशिष्ट जल में वायरल लोड में वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञओं ने कहा कि , "अपशिष्ट जल में वायरल लोड की वृद्धि एक साइलेंट वेब का स्पष्ट संकेत हो सकती है।
विज्ञापन

सीवेज के सैंपल में कोरोनावायरस - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

बेंगलुरु में टीआईजीएस द्वारा नियमित रूप से लगभग एक दर्जन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के नमूनों की जांच की जाती है। विशेषज्ञों ने कहा, "सीवेज के सैंपल में वायरल लोड की धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है। यह समुदाय में कोविड-19 मामलों में वृद्धि को दर्शाता है।

वैज्ञानिकों का मानना था कि संक्रमित लोगों के माध्यम से वायरस का प्रसार हो सकता है भले ही उनमें लक्षण न हों। जिस पानी का वे उपयोग करते हैं, उसके माध्यम से भी वायरस के संचरण का खतरा रहता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोनावायरस अपशिष्ट जल में भी लंबे समय तक बना भी रह सकता है। 

इससे पहले जनवरी 2024 में अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी हमने अपशिष्ट जल से कोरोना के खतरे को लेकर अलर्ट किया था, पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें