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World Diabetes day: क्या डायबिटीज से बचना मुमकिन है?

Wed, 14 Nov 2018 04:06 PM IST
बीबीसी
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diabetes - फोटो : file photo
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दुनियाभर में डायबिटीज एक ऐसी बीमारी के रूप में उभर रही है जो बेहद तेजी से बच्चों से लेकर युवाओं को अपना निशाना बना रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनिया भर में इस समय 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज यानी मधुमेह से पीड़ित हैं।बीते तीस सालों में मधुमेह पीड़ितों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है।डायबिटीज से पीड़ित लोगों को हार्ट अटैक (दिल का दौरा) और हार्ट स्ट्रोक (हृदयाघात) हो सकता है। इसके साथ-साथ डायबिटीज से किडनी फेल और पैरों के निष्क्रिय होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इसके बाद भी आम लोगों में इस बीमारी के लक्षणों, बचाव और कारणों को लेकर जागरुकता नहीं है।

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diabetes - फोटो : file photo
आखिर क्या होती है डायबिटीज?
जब हमारा शरीर खून में मौजूद शुगर की मात्रा को सोखने में असमर्थ हो जाता है तो ये स्थिति डायबिटीज को जन्म देती है। दरअसल, हम जब भी कुछ खाते हैं तो हमारा शरीर कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर ग्लूकोज में बदलता है। इसके बाद पेंक्रियाज से इंसुलिन नाम का एक हारमोन निकलता है जो कि हमारे शरीर की कोशिकाओं को ग्लूकोज को सोखने का निर्देश देता है। इससे हमारे शरीर में ऊर्जा पैदा होती है, लेकिन जब इंसुलिन का फ़्लो रुक जाता है तो हमारे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़नी शुरू हो जाती है।

diabetes - फोटो : file photo
टाइप 1, टाइप 2 डायबिटीज क्या होती है?
डायबिटीज के कई प्रकार होते हैं लेकिन टाइप 1, टाइप 2 और गेस्टेशनल डायबिटीज से जुड़े मामलों की अधिक पाए जाते हैं।

टाइप 1 डायबिटीज में आपके पेंक्रियाज में हारमोन इंसुलिन बनना बंद हो जाता है। इससे हमारे खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है। अब तक वैज्ञानिक ये पता लगाने में सफल नहीं हुए हैं कि ऐसा क्यों होता है, लेकिन इसे आनुवंशिकता और वायरल इन्फेक्शन से जोड़कर देखा जाता है। इससे पीड़ित लोगों में से लगभग दस फीसदी लोग टाइप 1 डाटबिटीज से पीड़ित होते हैं। वहीं, टाइप 2 डायबिटीज में पेंक्रियाज में जरूरत के हिसाब से इंसुलिन नहीं बनता है या हारमोन ठीक से काम नहीं करता है।

टाइप 2 डायबिटीज इन लोगों को हो सकता है -
-अधेड़ और वृद्ध लोग।
-मोटे और शारीरिक श्रम न करने वाले युवा।
-दक्षिण एशियाई देशों में रहने वाले लोग।
-वहीं, कुछ गर्भवती महिलाएं जेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित हो सकती हैं।

इसमें महिलाओं का शरीर उनके और बच्चे के लिए पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन बनाना बंद कर देता है।अलग-अलग मानदंडों के आधार पर किए गए अध्ययनों में सामने आया है कि छह से 16 फीसदी महिलाओं के जेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित होने की संभावना है। गर्भवती महिलाओं को इससे बचने के लिए अपनी डाइट को नियंत्रण में रखकर शुगर लेवल को नियंत्रित रखना चाहिए। इसके साथ ही इंसुलिन के प्रयोग से इसे टाइप 2 डायबिटीज में बदलने से रोका जा सकता है। कुछ लोग प्री-डायबिटीज से भी पीड़ित हो सकते हैं, खून में ग्लूकोज की अधिक मात्रा आगे चलकर डायबिटीज में बदल सकती है।

- फोटो : file photo
डायबिटीज के लक्षण क्या हैं?
-प्यास ज़्यादा लगना।
-सामान्य से ज़्यादा पेशाब होना, विशेषकर रात में।
-थकान महसूस होना। 
-बिना प्रयास किए वजन गिरना। 
-मुंह में अक्सर छाले होना।
-आंखों की रोशनी कम होना।
-घाव भरने में समय लगना।
-ब्रिटिश नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण काफी कम उम्र में ही दिखना शुरू हो जाते हैं।

वहीं, टाइप 2 डायबिटीज अधेड़ उम्र के लोगों (दक्षिण एशियाई लोगों के लिए 25 वर्ष की आयु) परिवार के किसी सदस्य के डायबिटीज से पीड़ित होने पर और दक्षिण एशियाई देशों, चीन, एफ्रो-कैरिबियन, अफ्रीका से आने वाले अश्वेतों को ये बीमारी होने का खतरा ज़्यादा होता है।

क्या आप डायबिटीज से बच सकते हैं?
डायबिटीज आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों पर आधारित होती है लेकिन आप अपने खून में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करके खुद को डायबिटीज से बचा सकते हैं और संतुलित डाइट और व्यायाम करने से ऐसा किया जा सकता है।

वहीं, इसकी जगह आप अपनी रोजाना की डाइट में सब्जियां, फल, फलियां, और साबुत अनाज शामिल कर सकते हैं। इसके साथ-साथ सेहतमंद तेल, बादाम के साथ-साथ सार्डाइंस, सालमन और मेकेरल जैसी मछलियों को भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं क्योंकि इनमें ओमेगा 3 तेल की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। शारीरिक व्यायाम से भी ब्लड शुगर लेवल को कम किया जा सकता है।

ब्रिटिश नेशनल हेल्थ सिस्टम के मुताबिक, लोगों को एक हफ़्ते में लगभग ढाई घंटे एरोबिक्स एक्सरसाइज करनी चाहिए जिसमें तेज गति से टहलना और सीढ़ियां चढ़ना शामिल है।अगर आपके शरीर का वजन नियंत्रण में है तो आप ब्लड शुगर लेवल को आसानी से कम कर सकते हैं।वहीं, अगर आप वजन गिराना चाहते हैं तो एक हफ़्ते में 0.5 किलोग्राम से 1 किलोग्राम के बीच गिराएं। इसके साथ ही ये भी जरूरी है कि सिगरेट न पिएं और दिल की बीमारी से बचने के लिए कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच कराते रहें।
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- फोटो : इंस्टाग्राम
डायबिटीज से क्या हो सकता है?
अगर आपके शरीर में ब्लड शुगर लेवल की अधिकता है तो इससे आपके खून की नसों को नुकसान पहुंच सकता है।अगर आपके शरीर में खून सही ढंग से प्रवाहित नहीं होगा तो ये शरीर के उन हिस्सों में नहीं पहुंचेगा जहां इसकी जरूरत है।

-ऐसे में खून की नसों को नुकसान हो सकता है और आपको दर्द की अनुभूति होना बंद हो सकती है।इसके साथ ही आंखों की रोशनी कम होने के साथ-साथ पैरों में इन्फेक्शन हो सकता है।साल 2016 में, लगभग 16 लाख लोगों की मौत डायबिटीज की वजह से हुई थी।

आखिर कितने लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं?

साल 1980 में 18 साल से ज़्यादा उम्र वाले डायबिटीज से पीड़ित युवाओं का प्रतिशत 5 से कम था लेकिन 2014 में ये आंकड़ा 8.5% तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज फेडरेशन ने एक अनुमान लगाया है कि निम्न और मध्यम आयवर्ग वाले देशों के लगभग 80 फीसदी युवाओं के खाने-पीने की आदतों में बदलाव हो रहा है। वहीं, विकसित देशों में डायबिटीज गरीब और सस्ता खाना खाने के लिए विवश वर्ग को अपना निशाना बनाता है।
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