दुनियाभर में कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने का काम तेजी से हो रहा है। इसमें भारत भी शामिल है। यहां कोरोना की तीन वैक्सीन विकसित की जा रही हैं, जिसमें ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन भी शामिल है। भारत में इसे 'कोविशील्ड' नाम दिया गया है। पुणे की कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया इस वैक्सीन के उत्पादन में एस्ट्राजेनेका की पार्टनर है। सीरम इंस्टिट्यूट ने ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल शुरू कर दिया है। देश के 17 शहरों में इस वैक्सीन का ट्रायल हो रहा है, जिसमें वॉलिंटियर के तौर पर 18 साल से ज्यादा उम्र वाले करीब 1600 लोगों को शामिल किया गया है। भारत में वैक्सीन की रेस में सबसे आगे इसी टीके को माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस साल के अंत तक यह वैक्सीन भारतीय लोगों को मिल सकती है।