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Coronavirus vaccine: कोरोना वैक्सीन आई तो भारत में सबसे पहले किसे दी जाएगी? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Tue, 11 Aug 2020 10:45 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
कोरोना वैक्सीन का इंतजार दुनिया को कई महीनों से है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो अभी इसे आने में थोड़ा वक्त लगेगा। हालांकि रूस का दावा है कि उसकी वैक्सीन तैयार है और 12 अगस्त को उसका पंजीकरण होने जा रहा है। उसने यह भी दावा किया है कि अक्तूबर में वह देश के सभी नागरिकों के लिए टीकाकरण अभियान चलाएगा और इसके लिए लोगों से पैसे भी नहीं लिए जाएंगे, लेकिन वहां सबसे पहले वैक्सीन की खुराक शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर भारत में वैक्सीन आ गई तो यहां सबसे पहले किसे दी जाएगी? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं और साथ ही यह भी जानेंगे कि कोरोना के नए लक्षण क्या हैं और इससे बचने के लिए कौन सा मास्क सुरक्षित है। 
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Coronavirus new symptoms - फोटो : Twitter/Air
कोरोना के नए लक्षण क्या हैं?
  • दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा कोरोना के नए लक्षणों के बारे में बताते हैं कि यह अब सिर्फ बुखार, निमोनिया और फेफड़ों तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह दिल, दिमाग और किडनी पर भी असर कर रहा है। त्वचा में भी इसके लक्षण दिखने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के लक्षणों में सिर दर्द, चक्कर आना, दौरे आना, थकावट आना है और साथ ही कई लोगों में लकवा की भी शिकायत मिली है। 
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Coronavirus precautions - फोटो : Twitter/Air
गार्ड की नौकरी करने वाले खुद को कैसे सुरक्षित रखें?  
  • इस कोरोना काल में भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो अपनी जिम्मेदारियों को वैसे ही निभा रहे हैं, जैसा कोरोना के आने से पहले निभाते थे। इनमें गार्ड की नौकरी करने वाले भी शामिल हैं। अभी के समय में उनकी जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई हैं और साथ ही कोरोना का डर भी बना रहता है। चूंकि दफ्तरों या सोसाइटी में काम करने वाले गार्ड्स को ये जिम्मेदारी दे दी गई है कि वो हर आने वाले व्यक्ति का तापमान जांचें, ऐसे में ये सवाल उठता है कि वो खुद को इस वायरस से कैसे सुरक्षित रखें। इस बारे में डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा कहते हैं कि सबसे पहले तो गार्ड तापमान चेक करते समय बाहर से आने वाले व्यक्ति के करीब न जाएं और अगर उसने मास्क नहीं पहना है तो उसे मास्क पहनने को कहें। इसके अलावा वो समय-समय पर सैनिटाइजर से हाथ साफ करते रहें। 

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Coronavirus mask - फोटो : Twitter/Air
कौन सा मास्क सुरक्षित है? 

डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा के मुताबिक, आम लोगों के लिए किसी भी कपड़े का बना दो लेयर का मास्क सुरक्षित है। इसे आप बाजार से भी ले सकते हैं या घर पर भी बना सकते हैं। तीन लेयर वाला सर्जिकल मास्क चिकित्साकर्मियों के लिए होता है। उनका कहना है कि अगर वैक्सीन आएगी तो वो लोगों को 60-70 फीसदी तक ही सुरक्षा दे पाएगी जबकि मास्क हमेशा सुरक्षा देगा। 
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Coronavirus - फोटो : Twitter/Air
'भारत में प्रतिदिन 60 हजार से ज्यादा केस' पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ 
  • चूंकि आज के समय में भारत में प्रतिदिन 60 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। इसपर डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा कहते हैं कि भारत में सबसे पहले कोरोना वायरस केरल में आया था और उसके बाद महाराष्ट्र, दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में भी फैला। उन्होंने कहा कि 'फिलहाल मामले बढ़ने की वजह टेस्टिंग भी है। अब हमारे देश में टेस्टिंग सबसे ज्यादा की जा रही हैं। लोग जागरूक हुए हैं और लक्षण दिखने पर खुद ही जांच करा रहे हैं, इसलिए मामले ज्यादा आ रहे हैं। 
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Fight with Coronavirus - फोटो : Twitter/Air
कोरोना से लड़ने में लोग कैसे दे रहे हैं योगदान 
  • डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा कहते हैं, 'देश के नेता हों या बड़ी हस्तियां, संक्रमित पाए जाने पर खुद सामने आकर सबको जानकारी दे रहे हैं कि वो कोरोना पॉजिटिव हैं। साथ ही अपने संपर्क में आए लोगों से जांच कराने और सेल्फ क्वारंटीन की अपील कर रहे हैं। इससे आम जनता में भी हिम्मत आई है। कोरोना के लक्षण दिखने पर बिना डरे लोग सामने आ रहे हैं और अब लोग यह भी समझ रहे हैं कि कैसे बचाव करना है और लोग इससे ठीक भी हो जाते हैं।' 
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Coronavirus E Sanjeevani App - फोटो : Twitter/Air
कोरोना से लड़ने में ई-संजीवनी ऐप का योगदान 
  • डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा बताते हैं, 'ई-संजीवनी एक टेलीमेडिसिन ऐप है, जिसके जरिए अपनी बीमारी से संबंधित डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसमें पहले रजिस्ट्रेशन करें, फिर अस्पताल और डॉक्टर को चुन सकते हैं। उसके बाद ओपीडी के लिए समय दिया जाएगा। दिए गए समय पर आप डॉक्टर से घर बैठे संपर्क कर सकते हैं। अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इस ऐप के जरिए परामर्श ले चुके हैं।' 
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Coronavirus vaccine - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन आने पर सबसे पहले किसे दी जाएगी? 
  • डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा कहते हैं, 'वैक्सीन वायरस से एक बचाव है, इलाज नहीं। जब वैक्सीन आएगी तो सबको दी जाएगी, लेकिन सबसे पहले उन्हें बचाना है, जो संक्रमित नहीं हुए हैं। इसके अलावा पहले डॉक्टरों को, स्वास्थ्यकर्मियों को और बुजुर्गों को वैक्सीन दी जाएगी। हालांकि वैक्सीन कैसे देनी है, यह तो आने के बाद ही पता चलेगा।' 
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