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कोरोना वायरस को लेकर WHO की नई चेतावनी क्या है, जो डरा रही है?

Mon, 10 Aug 2020 11:52 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। पूरे विश्व में अब तक इससे एक करोड़ 97 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं मरने वालों की संख्या सात लाख 28 हजार के पार जा चुकी है। ब्राजील में तो कोरोना से एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वह कोरोना के कारण सबसे ज्यादा मौतों के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। अमेरिका अभी भी पहले स्थान पर बना हुआ है। वहां मरने वालों की संख्या एक लाख 62 हजार से अधिक हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार इसपर नजर बनाए हुए है और अब उसने एक चेतावनी भी दी है। उसने चेतावनी देते हुए कहा है कि कोरोना वायरस अभी भी घूम रहा है और अधिकांश आबादी अभी भी इसकी चपेट में आ सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोरोना मामलों की तकनीकी प्रमुख डॉक्टर मारिया वैन केर्खोव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि कोरोना मौसमी वायरस है। उन्होंने इससे बचने के लिए लोगों से हरसंभव कोशिश करने (जैसे कि- सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का पालन, मास्क पहनने और भीड़ से बचने आदि) की सलाह दी है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
फ्रांस में सार्वजनिक जगहों पर मास्क का इस्तेमाल हुआ अनिवार्य 
  • कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए फ्रांस की राजधानी पेरिस के कई हिस्सों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत 11 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनकर ही जाना होगा। अगर कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करते पाया गया तो उसपर 121 डॉलर यानी लगभग 9000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
न्यूजीलैंड को कोरोना मुक्त हुए हो गए 100 दिन 
  • न्यूजीलैंड को कोरोना मुक्त हुए 100 दिन हो गए हैं। इन 100 दिनों में एक भी कोरोना पॉजिटिव मामला यहां देखने को नहीं मिला है। फिलहाल वहां कोरोना संक्रमण के 21 सक्रिय मामले हैं, लेकिन वो सभी लोग विदेश से आए हुए हैं। उनका इलाज सरकारी क्वारंटीन संटरों में किया जा रहा है। दरअसल, यहां संक्रमण के नहीं बढ़ने का कारण ये है कि यहां 19 मार्च को ही देश की सीमाएं विदेशियों के लिए बंद कर दी गई थीं और 23 मार्च को देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था। कहा जाता है कि अन्य देशों की तुलना में यहां का लॉकडाउन कड़ा था। न्यूजीलैंड के लोगों ने भी इस मामले में सरकार का खूब साथ दिया है। तभी यहां कोरोना को रोकने में सफलता हासिल हुई है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
  • कोरोना वायरस को रोकने में टेस्टिंग भी एक अहम भूमिका निभा रहा है। इसलिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले कुछ हफ्तों में 10 लाख टेस्ट प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है ताकि कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए देशों में शामिल हो चुके भारत को इस महामारी से उबारा जा सके। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
वैक्सीन को लेकर कहां तक पहुंचे अलग-अलग देश? 
  • रूस का दावा है कि उसके यहां 12 अगस्त को वैक्सीन का पंजीकरण होगा और अक्तूबर महीने से पूरे देश में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। वहीं भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड नाम से वैक्सीन लॉन्च करने जा रही है, जिसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि वैक्सीन इस साल के अंत तक तैयार हो सकती है। अमेरिका का भी कुछ ऐसा ही कहना है। वह भी दावा कर रहा है कि उसकी वैक्सीन इस साल के अंत तक आ सकती है। फिलहाल उसकी वैक्सीन के अंतिम चरण का ट्रायल चल रहा है। 
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