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Coronavirus vaccine: देसी वैक्सीन पर बड़ी खुशखबरी, ट्रायल में मिली सफलता

Fri, 14 Aug 2020 09:29 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus vaccine update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
रूस की कोरोना वैक्सीन को लेकर इस समय दुनियाभर में चर्चा जारी है। फिलहाल भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और चीन समेत कई देश वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। इस बीच भारत में बन रही वैक्सीन को लेकर भी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भारत की वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल पूरा हो गया है और अब दूसरे चरण के ट्रायल की तैयारी चल रही है। इस वैक्सीन को भारत बायोटेक द्वारा विकसित किया गया है, जिसे 'कोवैक्सीन' (Covaxin) नाम दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैक्सीन के दूसरे चरण के ट्रायल के लिए वॉलंटियर्स (स्वयंसेवकों) की पहचान की जा रही है। 
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कोविड-19 टीके के लिए आईसीएमआर ने 12 संस्थानों का चयन किया - फोटो : Amar Ujala
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कुल 12 केंद्रों पर वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, जिसमें से 11 केंद्रों पर पहले चरण का ट्रायल लगभग पूरा हो गया है। सिर्फ दिल्ली के एम्स में ही ये बाकी है। दरअसल, दिल्ली एम्स में वैक्सीन के ट्रायल के लिए सिर्फ 16 लोग ही सामने आए थे जबकि अन्य केंद्रों पर ये संख्या कहीं अधिक थी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र के नागपुर में 55 वॉलंटियर्स को वैक्सीन की डोज दी गई थी, जिसमें से कुछ को वैक्सीन देने के बाद बुखार की समस्या आई थी। हालांकि कुछ ही घंटे में वो लोग ठीक भी हो गए थे। उसके बाद से उनमें किसी भी तरह का कोई अन्य लक्षण देखने को नहीं मिला था। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
हालांकि अब तक पहले चरण के ट्रायल के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि इसकी रिपोर्ट जल्द ही दी जाएगी। माना जा रहा है कि अब भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' के दूसरे चरण का ट्रायल सितंबर में हो सकता है। इसके लिए वॉलंटियर्स की तलाश जारी है।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
इस समय अहमदाबाद की फार्मा कंपनी जायडस कैडिला की वैक्सीन का भी दूसरे चरण का मानव परीक्षण चल रहा है। जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल ने कहा था कि पहले चरण में वैक्सीन को सुरक्षित पाया गया। जिन्हें यह वैक्सीन दी गई थी, उनकी सात दिनों तक डॉक्टरों की टीम द्वारा निगरानी की गई, लेकिन कोई भी साइड-इफेक्ट देखने को नहीं मिला।  
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