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Coronavirus vaccine: भारत में कब तक मिल पाएगी कोरोना की वैक्सीन? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Thu, 20 Aug 2020 06:21 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
अब भारत भी कोरोना वैक्सीन बनाने के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है। एक वैक्सीन ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसमें सफलता मिलने के बाद ही वैक्सीन आम लोगों तक पहुंच पाएगी। आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं...

भारत में एक वैक्सीन का तीसरा चरण शुरू हो रहा है, यह कब तक लोगों को मिलेगी? 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व सचिव डॉ. नरेंद्र सैनी के मुताबिक, 'वैक्सीन कब तक मिलेगी, अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। अभी जो तीसरे चरण का ट्रायल शुरू होने वाला है, उसमें पहले देखना होगा कि एंटीबॉडीज बन रहे हैं, तो कितने बन रहे हैं। एंटीबॉडी देखने में दो-तीन हफ्ते लग जाएंगे। इसके बाद देखा जाएगा कि ये वायरस से लड़ने में कितने असरकारी हैं। फिर देखा जाएगा कि लोगों पर क्या प्रभाव पड़ता है। अभी कोई भी वैज्ञानिक नहीं बता सकता है कि कितने दिन बाद इसमें सफलता मिलेगी। हां पहले चरण और दूसरे चरण में सफलता सकरात्मक संकेत हैं। 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
कभी-कभी थकान के साथ-साथ सांसें तेज हो जाती हैं, तो क्या कोरोना के लक्षण हैं?
  • डॉ. नरेंद्र सैनी कहते हैं, 'अगर ऐसी परेशानी लंबे समय से है, तो कोरोना नहीं मान सकते हैं, लेकिन अगर अचानक ऐसी शिकायत आई है, तो जांच जरूर कराएं। दरअसल, कोरोना में बुखार, खांसी, छींक के साथ-साथ थकान, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी होती है। अगर वायरस शरीर में बढ़ता है तो हालत गंभीर होने लगती है और अगर वायरस बढ़ नहीं रहा है, तो इसका मतलब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) वायरस से लड़ रही है। ऐसे व्यक्ति स्वयं ठीक हो जाते हैं। कोरोना वायरस के लक्षण हमेशा नहीं रहते हैं।' 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
क्या जरूरत से ज्यादा खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन नुकसानदेह होता है? 
  • डॉ. नरेंद्र सैनी के मुताबिक, 'लोग इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। बहुत ज्यादा खट्टी चीजें जैसे नींबू, संतरा आदि से गला खराब होने लगता है। हालांकि ऐसा थोड़ी देर के लिए ही होता है, लेकिन फिर भी खट्टे पदार्थों का सेवन बहुत ज्यादा नहीं करें तो अच्छा है।' 

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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
क्या बंद कमरे में दांतों का इलाज करवाने से मना किया गया है? 
  • इस बारे में डॉ. नरेंद्र सैनी बताते हैं, 'देश में ज्यादातर लोग एसिम्प्टोमेटिक हैं। उन्हें खुद भी नहीं पता कि वो वायरस से संक्रमित हैं। इसलिए अगर उन्हें दांत में कोई परेशानी हुई तो डॉक्टर के पास जरूर जाएंगे। ऐसे में उनके मुंह से एयरोसोल के बाहर आने की संभावना रहती है। इसके अलावा अगर कमरा बंद है और एसी लगा है और वेंटिलेशन नहीं है, तो वायरस वहीं बना रहेगा। इससे डॉक्टर के साथ वहां आने वाले बाकी लोग संक्रमित हो सकते हैं।' 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
जहां बारिश ज्यादा हो रही है वहां लोग कोरोना से कैसे सुरक्षित रहें? 
  • डॉ. नरेंद्र सैनी के मुताबिक, 'चाहे बारिश हो या गर्मी या फिर सर्दी का मौसम, वायरस कभी भी फैल सकता है। इसलिए इससे बचने का अभी भी वही नियम है, जो दूसरे मौसम में था। जहां बारिश हो रही है, वहां लोगों को ध्यान रखना है कि उनका मास्क गीला न हो और लोगों से उचित दूरी बनी रहे।' 
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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी - फोटो : Twitter/Air
अस्पताल जाने पर डॉक्टर तुरंत कोविड जांच के लिए क्यों कहते हैं? 
  • अगर किसी को बुखार, खांसी, थकान या दर्द है, तो जरूरी नहीं है कि उसे कोरोना है। इंफ्लूएंजा वायरस भी हो सकता है। अब चूंकि कोरोना के भी यही लक्षण हैं और आज के समय में कोरोना आम है, इसलिए ज्यादातर डॉक्टर एक बार जांच के लिए कहते हैं। हालांकि कई बार डॉक्टर मरीज की हिस्ट्री देखने के बाद ही तय करते हैं कि कोविड टेस्ट कराना है या नहीं और अगर मरीज की सोसाइटी या कॉलोनी में कोई संक्रमित पाया गया है, तो बिना देर किए ही उन्हें कोविड जांच की सलाह दी जाती है।' 
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