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Coronavirus: कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को किस तरह की बीमारियां हो रही हैं? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Fri, 09 Oct 2020 11:28 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर अब तीन करोड़ 67 लाख से भी अधिक हो चुके हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी 10 लाख 66 हजार से अधिक हो गई है। हालांकि खुशी की बात ये है कि अब तक दुनियाभर में दो करोड़ 76 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस के संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैं, लेकिन यह वायरस इतना खतरनाक है और इतनी तेजी से फैल रहा है कि वैज्ञानिक भी हैरान हैं। हालांकि कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में भी कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं...
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में किस तरह की बीमारियां देखने को मिल रही हैं?  
  • दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की डॉ. गीता कमपानी बताती हैं, 'कोविड-19 से ठीक हो रहे लोगों में सिर दर्द, तनाव, सांस लेने में परेशानी, दिल की बीमारी जैसी परेशानियां देखने को मिल रही हैं। लेकिन ये सभी कहीं न कहीं लोगों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हैं, क्योंकि पहले इतने दिन लॉकडाउन और फिर उनका बीमारी से घिर जाना। उसके बाद उन्हें ठीक होने में भी वक्त लग जाता है। इन सबके बाद मरीज अपनी आने वाली जिंदगी को लेकर तनाव लेते हैं, फिर से कोविड न हो जाए या अगर फिर कुछ ऐसा हुआ तो क्या होगा, जैसी तमाम बातों की चिंता करने लगते हैं। इसका प्रभाव उनके शरीर पर पड़ता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर खत्म हो रही है? 
  • डॉ. गीता कमपानी के मुताबिक, 'दिल्ली में पहले मामले तेजी से बढ़े थे, फिर नियंत्रित हो गए। इसके बाद पिछले महीने से एक बार फिर केस अचानक बढ़ने लगे। इस बीच टेस्टिंग भी बढ़ाई गई, जिससे ज्यादा केस डिटेक्ट हो रहे थे। अब मामलों की संख्या कम हो गई है। साथ ही सक्रिय केस कम हो रहे हैं और रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है। इसलिए इसे दूसरी लहर मानी जा रही है। हालांकि अभी पक्के तौर पर नहीं कह सकते हैं, कुछ दिन और देखना होगा कि क्या स्थिति रहती है।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या रूस की वैक्सीन स्पुतनिक-5 का भारत में ट्रायल होने वाला है?
  • डॉ. गीता कमपानी बताती हैं, 'रूस की वैक्सीन को दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैब भारत में ला रही थी, लेकिन अभी उन्होंने कहा है कि उस वैक्सीन के ट्रायल बड़ी संख्या में लोगों पर नहीं हुए हैं और किसी भी ट्रायल में भारतीय नहीं शामिल हुए हैं। इसलिए ये नहीं पता है कि यह वैक्सीन भारतीयों को दी जाएगी तो कैसे रिएक्ट करेगी। इसलिए अभी भारत में लोगों पर इसका ट्रायल करने के बाद ही उसका प्रोडक्शन यहां के लिए होगा।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को दी गई मोनोक्लोनल एंटीबाडी क्या है? 
  • डॉ. गीता कमपानी बताती हैं, 'डोनाल्ड ट्रंप को दो तरह के मोनोक्लोनल एंटीबाडी दिए गए हैं। ये एंटीबॉडी वायरस से लड़ने के लिए पहले से ही शरीर में बने रहते हैं। एक तरह से इसे प्लाज्मा की तरह मान सकते हैं, लेकिन इसमें समय लगता है और अभी यह ट्रायल लेवल पर है और अभी बहुत कम लोगों को दिए गए हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना जांच के लिए एक ही छड़ से सबका स्वाब लिया जाता है या अलग-अलग से? 
  • डॉ. गीता कमपानी के मुताबिक, 'कोरोना जांच के लिए जो भी किट प्रयोग की जाती हैं, उनका प्रयोग केवल एक ही बार होता है। हर एक सैंपल लेने के बाद छड़ को नष्ट कर दिया जाता है। टेस्ट के लिए सैंपल काफी सावधानी से लिया जाता है। इसलिए डरने की जरूरत नहीं है और अगर लक्षण नजर आते हैं या संक्रमित के संपर्क में आए हैं तो जांच जरूर कराएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
आगे चलकर क्या बच्चों के टीकाकरण में कोविड-19 का टीका भी शामिल किया जाएगा? 
  • डॉ. गीता कमपानी कहती हैं, 'अभी इसे लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है, क्योंकि कई बार वायरस आगे चलकर म्यूटेट करता है। इससे पहले इंफ्लूएंजा वायरस आया था, जिसकी वैक्सीन आ चुकी है, लेकिन ये अपना स्वरूप बदलता रहता है। ऐसे में उसे बच्चों के लिए अनिवार्य नहीं किया गया है। कोरोना वायरस आगे चलकर कैसे रिएक्ट करेगा, यह कहना मुश्किल है। फिलहाल वैक्सीन का इंतजार करिए।' 
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