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Coronavirus: क्या भारत में संक्रमण के चरम पर है कोरोना वायरस? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Mon, 24 Aug 2020 02:25 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब तक कुल 2.3 करोड़ लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं जबकि आठ लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 30 लाख के पार हो गई है। हालांकि तकरीबन 22 लाख लोग कोरोना से ठीक भी हो चुके हैं जबकि 56 हजार से अधिक की मौत हो चुकी है। यहां एक दिन में फिर से 69 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या कोरोना का पीक हमारे देश में आ चुका है यानी क्या देश में संक्रमण की स्थिति चरम पर है। आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं, साथ ही कोरोना से जुड़े अन्य सवालों के जवाब भी विशेषज्ञ से जानते हैं...
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coronavirus peak in india - फोटो : Twitter/Air
क्या कोरोना का पीक हमारे देश में आ चुका है? 
  • एम्स के डॉक्टर पीयूष रंजन बताते हैं, 'पीक का क्राइटेरिया अलग-अलग देश में अलग है। भारत में अलग-अलग राज्यों में पीक का समय अलग है। जैसे दिल्ली में पीक एक तरह से निकल गया है, नए केस कम हो रहे हैं। दक्षिण के कई राज्यों में भी पीक आकर चला गया है। केरल में सबसे पहले केस आए थे, वहां भी कंट्रोल हो गया है। लेकिन देश के कई अन्य राज्यों में अभी पीक नहीं आया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड पीक की ओर बढ़ रहे हैं। जिन राज्यों में बीमारी पूरी तरह नियंत्रित है, उन राज्यों के लोगों से बाकियों को सबक लेना चाहिए। सभी को एहतियात बरतनी है, ताकि पीक आने या संक्रमण बढ़ने पर आप भी सुरक्षित रहे।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जो लोग अभी भी कोरोना से डर रहे हैं, सामने नहीं आ रहे हैं, ऐसे लोगों से क्या अपील है? 
  • डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'जितना वायरस के बारे में डॉक्टर और हेल्थ डिपार्टमेंट जान रहे हैं, उसे देखते हुए कहीं न कहीं लोगों में भी जागरूकता आई है। लोग समझ रहे हैं कि संक्रमण होने पर कैसे रिएक्ट करें। किस स्तर पर परेशानी होने पर अस्पताल जाना है, यह लोग जानने लगे हैं और अस्पताल के चक्कर नहीं काट रहे हैं। जहां तक बात है संक्रमण होने पर डरने और सामने न आने की तो ऐसे लोगों से अपील है कि बिल्कुल भी परेशान न हों। अगर आपके सामने कोई व्यक्ति आए, जिसमें कोरोना के लक्षण हैं तो उसे हौसला दें और जांच कराने को कहें। समाज, परिवार उनके साथ है और वो ठीक हो जाएंगे।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश में कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'हमारे देश की जनसंख्या दूसरे देशों से ज्यादा है, इसलिए अपनी कोशिश के अनुसार दूसरे देशों की तुलना में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। मृत्यु दर का आंकड़ा देखें तो दूसरे देशों में यह 5 से 10 प्रतिशत है, जबकि हमारे यहां 1.89 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर है। जहां तक कोरोना मामलों की बात है, जब हमने टेस्टिंग शुरू की तो केसेज और सामने आ रहे हैं। जाहिर है नंबर बढ़ रहे हैं, लेकिन रिकवरी रेट हमारे देश में अच्छा है। इसलिए उम्मीद है कि धीरे-धीरे स्थिति बेहतर होगी।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या आंख से भी संक्रमण होने की संभावना ज्यादा रहती है?
 
  • डॉ. पीयूष रंजन के मुताबिक, 'मुंह, नाक से सबसे ज्यादा कोरोना का संक्रमण होता है, क्योंकि ये ड्रॉपलेट और एयरबॉर्न इंफेक्शन है। आंख से संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा चिकित्साकर्मियों को होता है, क्योंकि वो संक्रमित के संपर्क में होते हैं। यही कारण है उनको गॉगल्स और फेसशील्ड लगाने को कहा गया है। आम लोग संक्रमित के सीधे संपर्क में नहीं आते हैं और सभी से सुरक्षित दूरी बनाकर रहने को भी कहा जाता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अभी लोगों को मास्क लगाने में दिक्कत होती है, उनके लिए क्या सलाह है? 
  • डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं, 'जिन लोगों को मास्क लगाने में दिक्कत हो रही है, वो उन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के बारे में सोचें, जो कोरोना वार्ड में काम करते वक्त केवल मास्क ही नहीं लगाते हैं बल्कि सिर से पांव तक पीपीई किट पहनते हैं। इसमें 4-6 घंटे या कभी-कभी इससे भी लंबी शिफ्ट करनी होती है। भयंकर गर्मी में भी डॉक्टर बिना एसी के मरीजों की सेवा करते हैं और इस बीच कुछ खाते-पीते नहीं हैं, वॉशरूम भी नहीं जाते हैं। उनका दम इसलिए नहीं घुटता है, क्योंकि उन्होंने आदत डाली है। मास्क लगाने में कोई लापरवाही न करें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या नेगेटिव आने के बाद लोग परिवार के साथ या सबसे मिलजुल सकते हैं? 
  • डॉ. पीयूष रंजन के मुताबिक, 'एक बार कोरोना का टेस्ट नेगेटिव आ चुका है तो व्यक्ति परिवार के साथ मिलजुल कर रह सकता है, लेकिन घर में बुजुर्ग और बच्चे हैं तो उनसे मिलते वक्त मास्क लगाकर रखें। साथ ही सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। ऑफिस या बाहर जाते वक्त भी सभी की तरह खुद भी नियमों का पालन करें।'  
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