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Coronavirus Study: बच्चों में कोरोना का गंभीर संक्रमण हो सकता है या नहीं? जानें क्या कहती है रिसर्च

Fri, 28 Aug 2020 02:34 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay/Amarujala
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ कर अब दो करोड़ 42 लाख हो चुके हैं जबकि मौतों का आंकड़ा आठ लाख 27 हजार के पार पहुंच गया है। भारत में तो स्थिति गंभीर होती जा रही है। यहां शुक्रवार को संक्रमण के रिकॉर्ड 77,266 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण के कुल मामले बढ़कर अब 30 लाख 39 हजार हो गए हैं। साथ ही इस बीमारी से मरने वालों का कुल आंकड़ा भी 61 हजार के पार हो गया है। ये ऐसी बीमारी है, जो बुजुर्गों और पहले से ही किसी न किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले ले रही है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कमजोर होती है। हालांकि बच्चों पर इस वायरस के प्रभाव को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी, लेकिन ब्रिटेन में इससे संबंधित एक रिसर्च हुई है, जिसमें कई सारी बातें निकलकर सामने आई हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • ब्रिटेन में गुरुवार को एक रिसर्च स्टडी प्रकाशित हुई है, जिसके मुताबिक बच्चों में कोरोना वायरस का गंभीर संक्रमण बहुत ही दुर्लभ है जबकि कोरोना से उनकी मौत तो और भी ज्यादा दुर्लभ है। यह शोध कोरोना वायरस की वजह से ब्रिटेन के 138 अस्पतालों में भर्ती कराए गए बच्चों पर किया गया है।  
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coronavirus pandemic - फोटो : पीटीआई
  • शोध के मुताबिक, अस्पतालों में भर्ती कराए गए कुल बच्चों में कोरोना वायरस की वजह से सिर्फ छह की ही मौत हुई, लेकिन वो पहले से ही किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे थे। इस शोध के नतीजे बीएमजे मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • शोधकर्ताओं की टीम का नेतृत्व कर रहे ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ लीवरपूल में आउटब्रेक मेडिसिन एंड चाइल्ड हेल्थ के प्रोफेसर मैलकॉम सेम्प्ले कहते हैं, 'इस शोध के नतीजे देखकर हम निश्चित तौर पर यह कह सकते हैं कि कोरोना वायरस बच्चों को कोई बड़ी हानि नहीं पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि इस शोध से यह पता चलता है कि बच्चों में कोरोना का गंभीर रूप लेना दुर्लभ है और इस वजह से मौतें और भी कम हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चों में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर अगर दुनियाभर के डाटा का अध्ययन किया जाए तो पता चलता है कि इस बीमारी से दुनियाभर में एक से दो फीसदी बच्चे और किशोर ही प्रभावित हुए हैं और उनमें भी जो संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं, उनमें से अधिकतर में या तो कोरोना के मामूली लक्षण हैं या फि कोई लक्षण हैं ही नहीं।
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