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Coronavirus Medicine: कोरोना पर असरदार है गठिया की ये दवा, शोध में वैज्ञानिकों ने किया दावा

Wed, 16 Sep 2020 03:49 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
कोरोना को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन अभी तक इस बारे में पक्के तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है कि आखिर वैक्सीन कब तक आएगी। हालांकि वैक्सीन बनाने वाली कई कंपनियां इतना जरूर कह रही हैं कि इस साल के अंत तक वैक्सीन आ जाएगी, लेकिन तब तक पहले से ही बाजार में मौजूद दवाओं से कोरोना के खतरे को दूर करने की कोशिश हो रही है। हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने ये दावा किया है कि एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजनरोधी दवाएं कोरोना के मरीजों को जल्दी ठीक करने का काम कर रही हैं। यह शोध 1000 लोगों पर किया गया है और अमेरिका की दवा कंपनी एली लिली ने इसके नतीजे भी जारी किए हैं। यह शोध अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज द्वारा किया गया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शोध में बार्सिक्टिनिब (Baricitinib) नाम की दवा का कोरोना के मरीजों पर टेस्ट किया गया। इस दवा को एली लिली कंपनी ऑल्यूनिएंट (Olumiant) नाम से बेचती है। इसका इस्तेमाल गठिया के इलाज में किया जा रहा है।   
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शोध के तहत, कोरोना से पीड़ित सभी लोगों को रेमडेसिविर दवा दी गई थी और उनमें से कुछ को रेमडेसिविर के साथ बार्सिक्टिनिब दवा भी दी गई थी। इस दौरान देखा गया कि सिर्फ रेमडेसिविर लेने वाले मरीजों को अस्पताल से चार दिन में छुट्टी दी गई जबकि उसके साथ बार्सिक्टिनिब दवा भी लेने वाले मरीजों को तीन दिन में ही छुट्टी मिल गई। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अब दवा कंपनी एली लिली बार्सिक्टिनिब दवा के आपातकालीन इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है और नियामक एजेंसी से इस बारे में बातचीत चल रही है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व अधिकारी डॉक्टर जेसी गुडमैन ने इस बारे में कहा है कि पहले तो यह जानना जरूरी है कि आखिर कितने मरीजों ने स्टेरॉयड दवाएं ली हैं और वो ठीक हुए हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हाल ही में स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल को लेकर एक शोध हुआ था, जिसमें यह दावा किया गया है ये दवाएं कोरोना के गंभीर मरीजों की मौत का खतरा कम करती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना था कि स्टेरॉयड दवाइयों का इस्तेमाल सिर्फ गंभीर कोरोना संक्रमितों पर किया जा सकता है। 
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