डॉ. नमित जेरथ
सीनियर कंसल्टेंट पीडियाट्रिक्स, पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर एंड पलमोनोलॉजी
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल
नई दिल्ली
आखिरकार तमाम चर्चाओं के बीच स्कूलों फिर से खुल गए। कोरोना महामारी के आने के बाद से देशभर में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए थे। बीच में कुछ समय बड़ी क्लासेस के लिए स्कूल ओपन किए गए थे, लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण फिर बंद कर दिए गए। अब एक सितंबर से फिर देश के कई राज्यों में स्कूल खुल गए हैं। शासकीय स्तर पर यह निर्णय बहुत सोच विचार के साथ लिया गया है। इस बीच कई राज्यों में कोरोना फिर से सिर उठाने लगा है। महामारी की तीसरी लहर को लेकर भी आशंका जताई जा रही है। वयस्कों का टीकाकरण अब भी जारी है, लेकिन सभी बच्चों के लिए वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं हैं। स्कूल खोलना भी जरूरी है, क्योंकि बच्चों का नुकसान तो हो ही रहा है।
तो जानिए क्या सुझाव देते हैं एक्सपर्ट, किन बातों का रखना है आपको ख्याल।
पूरी सेहत का मामला
इसके पहले कि हम सावधानियों के बारे में जानें, यह समझना जरूरी है कि बच्चे के स्कूल जाने से भी उसकी इम्यूनिटी और सेहत जुड़ी हुई है। सामान्य तौर पर जब एक बच्चा स्कूल जाता है तो वहां उसे बहुत अलग अलग परिवेश से आने वाले अलग-अलग तरह के बच्चे और बड़े मिलते हैं, वह धूप, खुली हवा और धूल में खेलता है, क्लासेस में एक्टिविटीज और पढ़ाई में दिमाग लगाता है। इससे उसका शरीर और दिमाग दोनों ही अच्छी तरह विकसित होते हैं।
पढ़ाई के अलावा खेलों के द्वारा व दोस्त बनाकर वह सामाजिक स्थिति को भी जीना सीखता है। जीवन के शुरुआती दौर की यह स्थिति आगे उसके पूरे स्वास्थ्य पर असर डालती है। अलग-अलग तरह के बच्चों के साथ ही वह अलग-अलग तरह के संक्रमणों और कीटाणुओं के संपर्क में भी आता है। इससे उसकी इम्यूनिटी और बढ़ती है। इसलिए स्कूल जाना बच्चे के सम्पूर्ण विकास के लिहाज से सही है। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ कोरोना काल मे ज्यादा दिन तक स्कूल बंद करने के पक्ष में नहीं थे।
इन बातों का रखें ध्यान
अब जब कई बातों को ध्यान में रखते हुए पूरी गाइडलाइंस का पालन करते हुए स्कूल खोले जा रहे हैं, तब पैरेंट्स की भी जिम्मेदारी बन जाती है कि वे बच्चों को इस स्थिति से लड़ना और जीतना सिखाएं।
कुछ इस तरह-