प्रतीकात्मक तस्वीर
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कितना भरोसेमंद है तरीका
सीसीएमबी ने अपनी रिसर्च में पाया है कि जिस इलाके में सीवर के पानी का टेस्ट किया गया, वहां करीब छह लाख लोग संक्रमित हो सकते हैं। ये आंकड़ा तेलंगाना सरकार के जारी किए आंकड़ों से मेल नहीं खाते, ऐसे में ये कितना सटीक है? राकेश मिश्रा कहते हैं, 'नहीं सरकार के जारी किए गए आंकड़े अलग नहीं हैं। आप देखिए, सरकार ने 24,000 टेस्ट किए, जिनमें से 1,700 लोगों के नतीजे पॉजिटिव आए हैं। जो टेस्ट किए गए हैं वो रैपिड एंटीजेन टेस्ट हैं, जो कम सेन्सिटिव माने जाते हैं। इसका मतलब ये है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट का तरीका अपनाया जाता तो टेस्ट का नतीजा शायद 2,000 से 2,400 तक होता।'