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कोरोना से आपकी सूंघने की क्षमता हमेशा के लिए नहीं जा सकती

Sat, 01 Aug 2020 05:30 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला रिसर्च टीम, वाशिंगटन।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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सूंघने की क्षमता प्रभावित होना भी कोरोना संक्रमण का लक्षण है। अब हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि संक्रमण के कारण किसी मरीज की सूंघने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म नहीं हो सकती है।

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वैज्ञानिकों को अध्ययन में पता चला है कि सेंसरी न्यूरॉन जो गंध को महसूस कर मस्तिष्क को सूचित करता है, उसे कोरोना वायरस से कोई खतरा नहीं है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर वायरस इस सेंसरी न्यूरॉन को प्रभावित करता तो मरीज की सूंघने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है।

वायरस सेंसरी न्यूरॉन के इर्द-गिर्द रहता है
वैज्ञानिकों के अनुसार वायरस सूंघने में प्रयोग होने वाले सेंसरी न्यूरॉन की सुरक्षा करने वाले कोशिकाओं के इर्द-गिर्द रहता है और सिर्फ उसे ही प्रभावित करात है। इसी कारण गंध को महसूस करने की क्षमता कुछ समय के लिए प्रभावित होती है।
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वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह की तकलीफ कोरोना के दस फीसदी मरीजों में हो सकती है, लेकिन उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वायरल लोड कम होने के साथ चीजें सामान्य होने लगती हैं।

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