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गरीब और विकासशील देशों में 2040 तक बढ़ जाएंगे 'कैंसर' के 53 प्रतिशत मरीज

Wed, 15 May 2019 12:03 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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कैंसर एक गंभीर और बड़ी बीमारी है। जहां एक ओर इसका पूर्ण रूप से इलाज ढूंढ पाना मुश्किल है, वहीं लगातार कैंसर के मरीजों का बढ़ना किसी समस्या से कम नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यम-आय वाले देशों में कैंसर पेशेंट की बढ़ती तादाद के लिए करीब एक लाख कैंसर फिजिशियन की जरूरत होगी। 

 
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एक स्टडी के अनुसार दुनिया भर में साल 2040 तक हर साल डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों को कीमोथेरेपी की जरूरत होगी। ये स्टडी लांसेट ऑन्कोलॉजी जर्नल में पब्लिश की गई है। इसमें अनुमान लगाया गया है कि साल 2018 से 2040 तक दुनिया भर में हर साल ऐसे मरीजों की तादाद में 53 प्रतिशत तक का इजाफा होगा, जिन्हें कीमोथेरेपी की जरूरत होगी। 

 
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ये स्टडी लांसेट ऑन्कोलॉजी जर्नल में प्रकाशित की गई है। इसमें अनुमान लगाया गया है कि साल 2018 से 2040 तक दुनिया भर में हर साल ऐसे मरीजों की तादाद में 53 प्रतिशत तक का बढ़ोतरी होगी, जिन्हें कीमोथेरेपी की जरूरत होगी।


 

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ये स्टडी सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया की इंघम इंस्टिट्यूट फॉर अप्लाइड मेडिकल रिसर्च, किंगहॉर्न कैंसर सेंटर, लिवरपूल कैंसर सेंटर और फ्रांस की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के शोधकर्ताओं ने की है। यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की शोधकर्ता ब्रूक विल्सन के मुताबिक बढ़ता ग्लोबल कैंसर बर्डन प्रमुख स्वास्थ्य संकटों में से एक है। 

 
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2040 तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा कैंसर मरीजों में 1 करोड़ से अधिक मरीज लो या मिडिल-इनकम देशों के होंगे। स्टडी के मुताबिक 2040 में सबसे ज्यादा लंग, ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में कीमोथेरेपी की जरूरत होगी। इन्हीं तीन कैंसर के सबसे ज्यादा नए मामले भी सामने आने की आशंका है।
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