एओर्टा में बनने वाले एन्यूरिज्म की समस्या (सांकेतिक)
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पूरा मामला जान लीजिए
इंग्लैंड के 78 वर्षीय जॉन सिम्पसन भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने कभी सेहत की जांच को गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि महाधमनी के अंदर कितनी खतरनाक स्थिति पल रही है।
- सितंबर 2024 में, एक रात करीब 11 बजे भयानक दर्द के साथ जॉन की नींद खुली। जॉन कहते हैं, "उस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
- पीठ और पेट में ऐसा दर्द था जो मैं किसी दुश्मन के लिए भी नहीं चाहूंगाा। दर्द इतना असहनीय था कि उन्हें कई बार उल्टियां होने लगीं।
- परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां कुछ जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे मांसपेशियों की थकान समझते हुए पैरासिटामोल लेने की सलाह दे दी।
- इससे कुछ समय बाद दर्द कम तो हो गया, लेकिन अगले ही दिन शाम को फिर तेज दर्द होने लगा।
इस बार अस्पताल में इमरजेंसी स्कैन से पता चला कि उनकी एओर्टा, जो सामान्य रूप से लगभग 2 सेंटीमीटर चौड़ी होती है, वह 13 सेंटीमीटर तक फूलकर फट भी चुकी थी। जांच में इसे एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (एएए) पाया गया, जिसे आमतौर पर 'ट्रिपल ए' भी कहा जाता है।
एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म की समस्या
एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म की समस्या तब होती है जब एओर्टा की दीवार कमजोर होकर साइकिल के टायर की तरह बाहर की तरफ फूलने लगती है।
- वैस्कुलर सर्जन रैचल फोर्साइथ कहती हैं, यह बीमारी लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के शरीर में बढ़ती रहती है और व्यक्ति को इसकी भनक तक नहीं लगती।
- जब एन्यूरिज्म फटता है तो अचानक पेट या पीठ में तेज दर्द शुरू हो सकता है और ब्लड प्रेशर तेजी से कम होने लगता है। ऐसी स्थिति में 80 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोनएओर्टा की दीवारों की रक्षा करता है, जबकि पुरुषों के टेस्टोस्टेरोन इसके क्षरण को बढ़ावा देता है। इसलिए महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इस बीमारी का खतरा 3 से 6 गुना ज्यादा होता है।
ब्रिटेन में हर साल 65 साल से अधिक उम्र के लोगों की इसकी फ्री में अल्ट्रासाउंड जांच होती है लेकिन बहुत कम लोग ही जांच के लिए जाते हैं। जॉन सिम्पसन ने भी यहीं चूक कर दी थी।
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क्यों होती है ये दिक्कत?
यूनिवर्सिटी ऑफ लीसेस्टर के प्रोफेसर मैट बॉउन कहते हैं, हमें नहीं पता कि पुरुष जांच कराने क्यों नहीं आते। शायद उन्हें बीमारी के बारे में जानकारी नहीं होती या फिर बीमारी के बारे में पुष्टि होने का डर रहता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ धूम्रपान की आदत को इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण मानते हैं। सिगरेट का धुआं एओर्टा की दीवारों में सूजन पैदा करता है और उन एंजाइम्स की गतिविधि बढ़ाता है जो धमनी को कमजोर करते हैं।
- जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये दिक्कत रही है उनमें से लगभग 20 प्रतिशत को यह बीमारी होने की आशंका रहती है।
- धूम्रपान के साथ हाई ब्लड प्रेशर भी इसका जोखिम बढ़ा देता है।
रैचल फोर्साइथ बताती हैं कि एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म औसतन हर साल करीब 2 मिलीमीटर बढ़ता है। इसके 5.5 सेंटीमीटर हो जाने पर एन्यूरिज्म फटने का खतरा ज्यादा हो जाता है। इसलिए इस स्तर पर आमतौर पर ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। सही समय पर स्थिति का पता चल जाए तो इसके खतरे को कम करना आसान हो जाता है।
डायबिटीज की दवा साबित हो सकती है मददगार
जॉन सिम्पसन की भी समस्या बढ़ते देख सर्जरी की हई। इसके सात महीने बाद जॉन कहते हैं, अब जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। डॉक्टरों ने कहा है कि पूरी तरह ठीक होने में लगभग एक साल लगेगा। फिलहाल ऐसी कोई दवा उपलब्ध नहीं है जो ट्रिपल-ए को बढ़ने से रोक सके।
- शोध में पाया गया है कि डायबिटीज वाले लोगों में ट्रिपल-ए होने का खतरा लगभग 40 प्रतिशत कम होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका कारण डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन हो सकती है।
- मेटफॉर्मिन धमनी की दीवारों में होने वाली सूजन को कम कर सकती है, जिससे एन्यूरिज्म बनने और बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।
ब्रिटिश के शोधकर्ता कहते हैं, संभव है कि मेटफॉर्मिन वह इलाज साबित हो जिसकी हमें वर्षों से तलाश थी। हालांकि इसपर अध्ययन जारी है। फिलहाल सभी पुरुषों को 65 की उम्र के बाद जांच जरूर करा लेनी चाहिए।
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स्रोत:
I had back and stomach ache that I wouldn’t wish on anyone. Paramedics told me it was muscle fatigue... but it was a deadly heart swelling.
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