मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार के लाइसेंसिंग प्राधिकरण से दवा की लाइसेंस की कॉपी मांगी है- सांकेतिक तस्वीर
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इसके साथ ही मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार के लाइसेंसिंग प्राधिकरण से दवा की लाइसेंस की कॉपी मांगी है और प्रोडक्ट के मंजूर किए जाने का ब्यौरा भी मांगा है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक प्रोफेसर बलराम भार्गव ने बीबीसी से बातचीत में पतंजलि द्वारा विकसित दवा के बारे में टिप्पणी करने से इनकार किया है।
उनसे पूछा गया था कि "क्या कोरोनिल नाम की इस दवा को कोविड-19 के मरीजों के इलाज में कारगर कहना सही होगा?' उन्होंने कहा, "मैं ऐसी किसी दवा पर टिप्पणी करना नहीं चाहूंगा। आईसीएमआर इस दवा से संबंधित किसी भी प्रयास में शामिल नहीं रहा।"