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अरुण जेटली के निधन की वजह बना टिश्यू कैंसर, जानें क्या है ये बीमारी

Sat, 24 Aug 2019 01:39 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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अरुण जेटली का निधन - फोटो : amar ujala
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भाजपा के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री का कार्यभार संभालने वाले अरुण जेटली का निधन हो गया है। उन्होंने आज दोपहर दिल्ली एम्स में 12 बजकर सात मिनट पर आखिरी सांस ली। जेटली एम्स में पिछले कई दिनों से भर्ती थे। उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। बीते 18 महीनों से उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अरुण जटेली का निधन टिश्यू कैंसर की वजह से हुआ है। जानें क्या है टिश्यू कैंसर। 
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सार्कोमा (टिश्यू कैंसर) एक प्रकार का कैंसर है, जो हड्डियों या मांसपेशियों जैसे (टिश्यू) ऊतकों से शुरू होता है। हड्डी और कोमल ऊतक सार्कोमा के मुख्य प्रकार हैं। नरम ऊतक सार्कोमा वसा, मांसपेशियों, नसों, रेशेदार ऊतकों, रक्त वाहिकाओं, या गहरी त्वचा के ऊतकों जैसे सॉफ्टटिस में विकसित हो सकता है। वे शरीर के किसी भी हिस्से में पाए जा सकते हैं। 

लक्षण 
 

एक नरम ऊतक सार्कोमा अपने प्रारंभिक चरण में कोई संकेत और लक्षण पैदा नहीं करता है। जैसे ही ट्यूमर बढ़ता है, इसके लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं-

  • गांठ या सूजन
  • अगर ट्यूमर नसों या मांसपेशियों पर दबाव बनाए तो दर्द होना

डॉक्टर को कब दिखाएं 

  • जब गांठ आकार में बढ़ रही हो और दर्द बढ़ता जाए
  • किसी भी आकार की गांठ जो मांसपेशी के काफी अंदर स्थित हो
  • गांठ की पुनरावृत्ति जो हटा दी गई हो
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कारण-
 

ज्यादातर मामलों में, यह स्पष्ट नहीं होता है कि नरम ऊतक सार्कोमा किस वजह से होता है।सामान्य तौर पर, कैंसर तब होता है जब डीएनए में कोशिकाओं संबंधित समस्या आती आती है।

ये समस्याएं कोशिकाओं में विकसित होती रहती हैं और नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं। संचित असामान्य कोशिकाएं एक ट्यूमर बनाती हैं जो आस-पास की संरचनाओं पर बढ़ सकता है और असामान्य कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में फैल जाती हैं। 

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