फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! वायु प्रदूषण ने पैदा किया नया खतरा, आत्महत्या की तरफ बढ़ रहे हैं लोग

Thu, 26 Sep 2019 01:51 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
अगर आप शुद्ध हवा नहीं ले रहे हैं तो आपका जीवन कितना बचेगा? - फोटो : pixabay
विज्ञापन

वायु प्रदूषण सुनने में इतना खतरनाक नहीं लगता जितना खतरनाक हमारे शरीर और दिमाग पर असर डालता है। 21वीं सदी में वायु प्रदूषण ही एक ऐसी चीज है जो शहरी ही नहीं बल्कि देहात और झुग्गी-झोपड़ियों में पल रहे जीवन को लीलने की तरफ अग्रसर है। अगर आप शुद्ध हवा नहीं ले रहे हैं तो आपका जीवन कितना बचेगा? वायु प्रदूषण का सबसे घातक असर युवाओं और बुजुर्गों के साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा  है। इस वक्त दुनियाभर के कई देशों के साथ ही भारत भी वायु प्रदूषण की चपेट में है और देश की राजनधानी दिल्ली वायु प्रदूषण का घर बनी हुई है!  

विज्ञापन


दक्षिण कोरिया के सियोल शहर में तो सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण वाले दिन लोग घरों से बाहर तक नहीं निकलते। शुद्ध हवा अब हमारे लिए एक सपना बनती जा रही है और युवाओं में अवसाद से लेकर घबराहट तक वायु प्रदूषण की वजह से बढ़ रही है।  एक नए अध्ययन का तो यहां तक कहना है कि वायु प्रदूषण की वजह से हम शारीरिक तौर पर ही नहीं बल्कि मानसिक तौर पर भी बीमार हो रहे हैं। बच्चों में वायु प्रदूषण की वजह से मानसिक बीमारियां बढ़ रही हैं।

वायु प्रदूषण जानलेवा साबित हो सकता है। - फोटो : pixabay
जानलेवा वायु प्रदूषण 
वायु प्रदूषण जानलेवा साबित हो सकता है। इसकी वजह से अस्थमा ही नहीं बल्कि दिल का दौरा और प्रसव पूर्व बच्चे का जन्म एवं आपकी आयु कम हो सकती है। अगल-अलग अध्ययनों का कहना है कि वायु प्रदूषण का सामना करने की वजह से किशोरावस्था में अवसाद, व्यग्रता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अध्ययन 'एन्वायरमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स' पत्रिका में छपा है।

वायु प्रदूषण का सीधा संबंध व्यग्रता और आत्महत्या की प्रवृत्ति जैसी मानसिक बीमारी से सीधे जोड़ा गया है। - फोटो : pixabay
वंचितों के लिए ज्यादा जानलेवा वायु प्रदूषण
इस अध्ययन में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाती है वह यह है कि वायु प्रदूषण उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है जो वंचित हैं। ऐसे लोगों में वायु प्रदूषण की वजह से आत्महत्या की प्रवृत्ति ज्यादा हो सकती है।अमेरिका के सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के शोधकर्तां ने अपने अध्ययन में यह बात कही है। यह पहली बार है जब किसी अध्ययन में वायु प्रदूषण का सीधा संबंध व्यग्रता और आत्महत्या की प्रवृत्ति जैसी मानसिक बीमारी से सीधे जोड़ा गया है।
विज्ञापन

air pollution - फोटो : file photo
इस अध्ययन का कहना है कि जो लोग गंदी बस्तियों और उसके आसपास रहते हैं उनके स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव सबसे ज्यादा पड़ता है। वायु प्रदूषण का सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक की वजह से हो रहा प्रदूषण (ट्रैप) है। ट्रैप के कारण ही बच्चों में तनाव और चिंता की समस्या बढ़ रही है और मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र में प्रभाव पड़ रहा है।  भारत ही नहीं बल्कि मैक्सिको सिटी, जकार्ता, नई दिल्ली, लॉस एंजेलिस, पेरिस और लंदन भी वायु प्रदूषण की चपेट में है।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें