फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Health: क्या सिर्फ व्यायाम और अच्छी फिटनेस हृदय को स्वस्थ रखने के लिए काफी नहीं? आपके लिए भी जानना जरूरी

Sun, 30 Mar 2025 01:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हृदय रोगों को लेकर एक अवधारणा ये भी रही है कि जो लोग फिजिकली फिट होते हैं, नियमित व्यायाम करते हैं, उनमें हार्ट की समस्याएं कम देखी जाती हैं, पर ये थ्योरी भी अब बहुत फिट नहीं बैठती है।  रोज-योग व्यायाम करने वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन
हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिछले एक दशक में हृदय रोगों के मामले जिस तरह से बढ़े हैं, विशेषतौर पर जिस तरह से कम उम्र के लोग इसका शिकार हो रहे हैं यह स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता बनती जा रही है। आमतौर पर माना जाता रहा है कि हृदय रोगों की समस्याएं उम्र बढ़ने के साथ होती हैं पर पिछले कुछ वर्षों में आपने भी 30 से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के न सिर्फ मामले सुने होंगे, बल्कि इसके कारण मौत की खबरें भी पढ़ी-सुनी होंगी।

विज्ञापन


हृदय रोगों को लेकर एक अवधारणा ये भी रही है कि जो लोग फिजिकली फिट होते हैं, नियमित व्यायाम करते हैं, उनमें हार्ट की समस्याएं कम देखी जाती हैं। पर ये थ्योरी भी अब बहुत फिट नहीं बैठती है। 

(ये भी पढ़िए- पिता के अंतिम संस्कार में जा रहे बेटे की हार्ट अटैक से मौत)

विज्ञापन

हृदय स्वास्थ्य की गंभीर समस्याएं - फोटो : Freepik.com
फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वालों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले
  • मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध योग गुरु और वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. पवन सिंहल की हाल ही में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। डॉ. पवन सिंहल अपनी सादगी और स्वस्थ जीवन शैली के लिए मशहूर थे। डॉ. सिंहल ने वर्ष 2022 में 11 घंटे में 100 किमी की दौड़ का रिकॉर्ड बनाया था। वह नियमित रनिंग और योग करते थे।
 
  • इसी तरह एक अन्य मामले में बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल को भी एक मैच के दौरान हार्ट अटैक हुआ, तुरंत उपचार मिलने के कारण वह फिलहाल ठीक हैं।

हालांकि क्रिकेट जैसे खेल जिसमें फिटनेस बहुत मायने रखती है, इसके खिलाड़ियों को हार्ट अटैक होने की घटनाओं ने लोगों के मन में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। तो क्या केवल फिट रहना या नियमित योग-व्यायाम करना हृदय को स्वस्थ रखने के लिए काफी नहीं है?

जिम जाने वालों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले - फोटो : Freepik.com
जिम-योग करने वाले लोगों में हार्ट अटैक आने की क्या वजह है?

गाजियाबाद में स्थित एक अस्पताल में डॉक्टर और प्रोफेसर डॉ बृजपाल त्यागी ने एक पोस्ट में जिम और योग करने वाले लोगों में बढ़ते हार्ट अटैक के कारणों को स्पष्ट किया है। डॉ बृजपाल कहते हैं, हार्ट अटैक का कारण कुछ भी हो सकता है और ये किसी को भी हो सकता है।
  • जिम या फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोगों में बढ़ती इस समस्या के लिए एग्रेसिव एक्सरसाइज (तीव्र व्यायाम) एक कारण हो सकता है।
  • तेज स्तर के व्यायाम के दौरान खून का संचार को बढ़ जाता है हालांकि कई मामलों में देखा गया है कि इसके साथ मुख्य धमनियों से जुड़ी कोलेट्रल वेसल्स यानी छोटी-छोटी नसें समय पर नहीं खुल पाती हैं।
  • ये रक्त के प्रवाह को हार्ट के कुछ हिस्सों में बाधित कर सकती हैं जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। 


हार्ट अटैक को बढ़ाने वाले कारक - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं हृदय रोगों के विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ एम.आर.खान बताते हैं, व्यायाम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप हल्के स्तर के व्यायाम और योग करें। इससे धमनियों और नसों को ठीक तरीके से खुलने और रक्त का संचार होने का पूरा समय मिल जाता है। जिन लोगों को पहले से कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर की समस्या रही हो उन्हें और भी सावधानी बरतते रहना चाहिए।

तीव्र स्तर के व्यायाम के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने का भी खतरा अधिक रहता है, बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अपने ब्लड प्रेशर की जानकारी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में तीव्र स्तर का व्यायाम आपकी समस्याओं को गंभीर रूप से बढ़ाने वाली हो सकती है।





 
विज्ञापन

हार्ट हेल्थ का ख्याल कैसे रखें? - फोटो : Freepik.com
हृदय स्वास्थ्य को लेकर बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को अपने हार्ट हेल्थ को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। भले ही आपकी उम्र कम है फिर भी आपको हृदय से संबंधित समस्याओं का खतरा हो सकता है।
  • हृदय स्वास्थ्य को लेकर जो सावधानियां सबसे ज्यादा जरूरी हैं उनमें ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और तनाव के स्तर को कंट्रोल रखना है।
  • ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल सीधे तौर पर हार्ट अटैक और इससे संबंधित समस्याओं का कारण बनती हैं। खान-पान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
  • इसी तरह तनाव की स्थिति ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाली हो सकती है, यही कारण है कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए स्ट्रेस को कंट्रोल रखना जरूरी है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें