अफ्रीका की एक स्वतंत्र संस्था 'अफ्रीकी क्षेत्रीय प्रमाणन आयोग' ने अफ्रीकी महाद्वीप को पोलियो मुक्त घोषित किया है। इस महाद्वीप में आखिरी बार पोलियो का मामला साल 2016 में नाइजीरिया में सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 25 साल पहले अफ्रीका में हजारों बच्चे पोलियो वायरस के शिकार हुए थे और उसकी वजह से वो लकवाग्रस्त हो गए थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यह दूसरी बार है जब अफ्रीका में किसी वायरस को खत्म किया गया है। चार दशक पहले यहां चेचक को पूरी तरह से खत्म किया गया था। भारत को तो 2014 में ही पोलियो मुक्त देश घोषित किया गया था। आइए जानते हैं इस पोलियो वायरस के बारे में कि यह कितना खतरनाक है, इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय क्या हैं।