गोमुखासन करने पर शरीर की मुद्रा गाय के मुख के समान दिखाई देती है इसलिए इसे गोमुखासन कहा जाता है। गोमुखासन करना इतना भी कठिन नहीं है, साथ ही यह बच्चे हों या बुढ़े, स्त्री हो या पुरुष सभी के लिए इसका अभ्यास फायदेमंद है। कमर, कंंधे एवं जोड़ों के दर्द में इस आसन का अभ्यास करने से धीरे-धीरे लाभ पहुंचने लगता है। आइए जानते हैं गोमुखासन करने का सही तरीका एवं इससे पहुंचने वाले लाभ।
इस तरह करें अभ्यास-
गोमुखासन करने के लाभ-
-दमा के रोगियों के लिए गोमुखासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद है।
-प्रतिदिन इसके अभ्यास से गर्दन एक आकार में आने लगती है, सुंदर एवं सुडौल होने लगती है।
-साईटिका व जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाता है।
-फेफड़ों को मजबूत बनाता है।
-कंधों के दर्द को दूर करने के साथ ही यदि वे झुके हुए हैं तो उन्हें सही करता है।
-गुर्दों को शक्ति प्रदान कर मूत्र संबंधी रोगों को ठीक करता है।
सावधानियां-
घुटनों में यदि दर्द है तो एकदम घुटनों को न मोड़ें। कंधे या कमर में चोट लगी होने पर भी इस आसन का अभ्यास न करें। गर्भावस्था में योग प्रशिक्षक की निगरानी में ही आसन का अभ्यास करें।