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Karwa Chauth 2025: पीरियड्स में करवा चौथ व्रत रखना चाहिए या नहीं?

Fri, 10 Oct 2025 07:46 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Karwa Chauth fast during periods: बड़ा सवाल उठता है क्या पीरियड्स में करवा चौथ का व्रत रखा जा सकता है? क्या पूजा की जा सकती है? 
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करवा चौथ व्रत - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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Karwa Chauth fast during periods: करवा चौथ का पर्व भारतीय नारी की अटूट श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है। साल में एक बार आने वाला यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूती देता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 10 अक्तूबर 2025 को रखा जाएगा। इस मौके  पर सुहागिन स्त्रियां निर्जला उपवास करेंगी, और शाम में चांद देखकर पति की लंबी आयु की कामना करते हुए हुए पूजा करेंगी। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि इसी दिन महिला को मासिक धर्म (Periods) आ जाते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है क्या पीरियड्स में करवा चौथ का व्रत रखा जा सकता है? क्या पूजा की जा सकती है? 

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करवा चौथ व्रत का धार्मिक महत्व

करवा चौथ का उल्लेख स्कंद पुराण और व्रत राज जैसे ग्रंथों में मिलता है। परंपरा के अनुसार, सुहागन स्त्रियां सुबह सर्गी खाकर दिन भर व्रत रखती हैं। शाम को करवा चौथ की कथा सुनती हैं और रात में चांद को अर्घ्य देकर पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलती हैं। यह व्रत नारी की अटूट निष्ठा और प्रेम का उत्सव है।

क्या पीरियड्स में करवा चौथ व्रत संभव है?

हिंदू परंपरा में रजस्वला स्त्री को पवित्र अनुष्ठान से विराम देने की सलाह दी गई है। इसका कारण अशुद्धता नहीं बल्कि यह कि उसे विश्राम मिले। पुराने समय में इसे आराम का समय माना गया था।इसीलिए बहुत-से घरों में पीरियड्स के दौरान मंदिर जाना, पूजा-व्रत करना वर्जित माना गया।
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हालांकि आज के युग में यह धारणा बदल रही है। डॉक्टर्स के अनुसार, यदि महिला शारीरिक रूप से ठीक है, कमजोरी नहीं है तो वह हल्के-फुल्के रूप में व्रत रख सकती है। निर्जला उपवास से बचना चाहिए क्योंकि इससे शरीर में डिहाइड्रेशन और थकान बढ़ सकती है। लेकिन करवा चौथ में पीरियड्स के दौरान व्रत नहीं रखना चाहिए, ऐसा किसी धार्मिक ग्रंथ में नहीं लिखा है। यह महिला की अपनी इच्छा और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।

अगर पीरियड्स में हैं तो क्या करें?
 

  • महिला अगर करवा चौथ व्रत के दौरान पीरियड्स में हैं तो सबसे पहले अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। यदि पीरियड्स के दौरान दर्द, कमजोरी या अधिक ब्लीडिंग हो रही है तो व्रत न रखना ही उचित है। 
  • आप चाहें तो बिना शारीरिक रूप से पूजा किए, मन ही मन शिव-पार्वती और चंद्रदेव को याद करके संकल्प कर सकती हैं। यह मानस पूजा कहलाती है, जो हर धर्मग्रंथ में मान्य है।
  • यदि घर की परंपरा अनुमति देती है, तो पूजा स्थान पर हल्का दीपक जलाकर चाँद को अर्घ्य दें। पूजा सामग्री को सीधे छूने की बजाय दूर से प्रणाम करें।
  • यदि निर्जला व्रत कठिन है, तो फलाहार व्रत रख सकती हैं यानी दिनभर फल, नारियल पानी, दूध या जूस से काम चलाएं।
  • अगर उस दिन आप व्रत या पूजा नहीं कर सकीं, तो अगले दिन सुबह गौरी माता या चंद्रदेव की संक्षिप्त पूजा करें और मन से माफी मांगें।
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