सावन में मेहंदी क्यों लगाती हैं महिलाएं
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Benefits Of Mehndi In sawan : भारत में मेहंदी सिर्फ एक सजावटी चीज नहीं, बल्कि यह परंपरा, आस्था और स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। विशेषकर सावन के महीने में जब हरियाली और भक्ति का माहौल होता है, तब महिलाएं अपने हाथों को हरे रंग की मेहंदी से सजाती हैं ,जो रचने के बाद लाल रंग का निखार लेकर आती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सावन में मेहंदी लगाने के पीछे की क्या वजह है? मेहंदी के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं और सावन में महिलाओं के मेहंदी रचाने की वजह दोनों ही खास हैं। आइए जानते हैं मेहंदी लगाने के फायदे और सावन में मेहंदी रचाने के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में।
मेहंदी लगाने के फायदे
- मेहंदी की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर और मस्तिष्क को शांति देती है। साथ ही तनाव कम करती है।
- मेहंदी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो स्किन इन्फेक्शन से बचाती है। यह त्वचा के लिए फायदेमंद होती है।
- इससे सिरदर्द और बुखार में राहत मिलती है। हथेली और तलवे पर मेहंदी लगाने से बुखार और सिरदर्द में आराम मिलता है।
- मेहंदी की खुशबू और ठंडक नसों को शांत करती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- शादी, तीज, करवा चौथ या सावन हर त्योहार पर मेहंदी से हाथ सजाना महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है।
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सावन में क्यों लगाई जाती है मेहंदी?
- मेहंदी लगाने का धार्मिक महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और हरा रंग उन्हें बेहद प्रिय है। यह माह हरियाली और प्राकृतिकता के करीब रहने का है। ऐसे में मेहंदी का हरा रंग शिव भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
मेहंदी को महिलाओं के सोलह श्रृंगार में शामिल किया गया है और सावन को सुहाग का महीना माना जाता है। महिलाएं सोलह श्रृंगार करके भगवान शिव से अखंड सौभाग्य, संतान प्राप्ति और सुखी पारिवारिक जीवन की प्रार्थना करती हैं।
- शुभता और सौभाग्य का प्रतीक
मान्यता है कि मेहंदी लगाने से पति का प्रेम और सौभाग्य बढ़ता है। इसलिए वैवाहित महिलाओं उन सभी मौकों पर मेहंदी लगाती हैं, जो उनके वैवाहिक जीवन से संबंधित पर्व हो, जैसे सावन, वटसावित्री व्रत, करवा चौथ और तीज।
सावन में हरियाली की पूजा होती है और मेहंदी भी एक हरे पौधे से बनती है। यह प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है।
इस मौसम में बारिश के साथ ही उमस भी होती है। इस उमस में ठंडक का अहसास दिलाने के लिए मेहंदी लगाई जाती है ताकि महिलाओं का शरीर और मन शांत रहे।